
महर्षि वाल्मीकि के विचार और जीवन मूल्यों की आज भी समाज में एकता, सद्भाव और परस्पर बंधुत्व के प्रेरक शक्ति के रूप में मान्यता है। भोपाल के मानस भवन में सोमवार को वाल्मीकि जयंती के प्रकटोत्सव के दौरान आयोजित समरसता सम्मेलन में भोपाल की महापौर मालती राय ने यह संदेश दिया कि इन मूल्यों को अपनाकर हम समाज में एकजुटता और समरसता को बढ़ावा दे सकते हैं।
इस कार्यक्रम में समाज सेवा और जनकल्याण के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देने वाले 15 सामाजिक कार्यकर्ताओं को शॉल और श्रीफल के साथ सम्मानित किया गया। सम्मानित किए गए कार्यकर्ताओं के नाम थे: दिनेश भारती, आशा पारोचे, ब्रजेश टांक, विरेन्द्र धोलपुरे, आरती नरवारे, दुलीचंद ऊंटवाल, जयप्रकाश खरे, संजय डुमाने, बहन छाया वाल्मीकि, बहन गीता वाल्मीकि, बहन वन्दना खरे, बहन रेखा धोलपुरिया, बहन संगीता राजौरिया, बहन अंजना घावरी तथा भाई मुकेश वाल्मीकि।
कार्यक्रम में अनुसूचित जाति कल्याण विभाग द्वारा आयोजित होने के नाते भोपाल और आसपास के क्षेत्रों से 750 से अधिक वाल्मीकि समाज के नागरिक और गणमान्यजन उत्साहपूर्वक भागीदारी के साथ आए। विभाग के अधिकारी, पंकज जोशी (मध्य प्रदेश खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड अध्यक्ष), गंगाराम घोषरे (राष्ट्रीय सफाई कर्मचारी आयोग पूर्व सदस्य), सूरज खरे (मध्य प्रदेश राज्य सफाई कर्मचारी आयोग पूर्व उपाध्यक्ष) और आयुक्त सतेंद्र सिंह भी उपस्थित रहे।
विधायक भगवानदास सबनानी ने समाज के उत्थान और जनकल्याण में योगदान देने वाले सामाजिक कार्यकर्ताओं की प्रशंसा करते हुए कहा, “समर्पित भाव से कार्य करने वाले इन कार्यकर्ताओं को बधाई के पात्र हैं।” सम्मेलन में वक्ताओं ने महर्षि वाल्मीकि के जीवन दर्शन पर प्रकाश डालते हुए समाज के सर्वांगीण विकास के लिए एकजुट होकर कार्य करने का संकल्प व्यक्त किया।
इस सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य महर्षि वाल्मीकि के विचारों, आदर्शों और संदेशों को जन-जन तक पहुँचाना तथा समाज में समरसता, समानता, सद्भाव और सामाजिक एकता की भावना को सुदृढ़ करना है। कार्यक्रम के दौरान यह संदेश दोहराया गया कि सभी वर्गों के बीच परस्पर सम्मान एवं सहयोग की भावना विकसित करके हम एक अधिक समरस समाज की ओर अग्रसर हो सकते हैं।
