नई दिल्ली। कांग्रेस (Congress) के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी (Rahul Gandhi) ने बुधवार को दावा किया कि चीजों को नियंत्रित करने का सिस्टम अब ध्वस्त हो रहा है और उनका अंदाजा है कि एक साल के भीतर नरेन्द्र मोदी (Narendra Modi) प्रधानमंत्री (Prime Minister) के पद पर नहीं रहेंगे। उन्होंने पार्टी के आदिवासी प्रकोष्ठ द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम में यह दावा भी किया कि अब सरकार के भीतर से ही संस्थागत विद्रोह शुरू हो रहा है और बहुत बड़ी आर्थिक सुनामी आने वाली है। उन्होंने कहा कि मुझे मुख्य चुनाव आयुक्त (Chief Election Commissioner) के मैसेज आ रहे हैं, खुफिया सिस्टम प्रमुख और हाई ज्यूडिशियरी के लोगों की तरफ से विद्रोह हो रहा है।
कांग्रेस ने इस कार्यक्रम में उनके द्वारा दिए गए भाषण का एक संक्षिप्त वीडियो जारी किया है। राहुल गांधी ने कहा, “भयंकर आर्थिक सुनामी आने वाली है क्योंकि इस सरकार ने अर्थव्यवस्था को सुरक्षित करने वाले कवच को ही हटा दिया है…इतनी भयंकर आर्थिक सुनामी आने वाली है कि आप लोगों ने अपनी जिंदगी में नहीं देखा होगा।”
उन्होंने दावा किया कि एक तरफ भयंकर आर्थिक सुनामी आने वाली है और दूसरी तरफ ‘सिस्टम’ के भीतर ही संस्थागत विद्रोह हो रहा है। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष ने दावा किया, “आप सोच रहे हैं कि निर्वाचन आयोग तो पूरी तरह नियंत्रित है। तीन साल पहले नियंत्रित था। अब मुझे मुख्य चुनाव आयुक्त के मैसेज आ रहे हैं, खुफिया सिस्टम के प्रमुख और सीनियर ज्यूडिशियरी के लोगों की तरफ से विद्रोह हो रहा है, मुझे संदेश आ रहे हैं।”
राहुल गांधी ने कहा कि चीजों को नियंत्रित करने का जो ‘सिस्टम’ था, वह ध्वस्त हो रहा है। उन्होंने दावा किया कि उनके पास प्रधानमंत्री मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और अन्य मंत्रियों के बारे में जानकारियां आ रही हैं। उन्होंने दावा किया कि यह भी हो सकता है कि ये लोग जनता के दबाव को कुचलने के लिए आपातकाल जैसा कदम उठा दे। उनका कहना था कि अब चीजें सरकार के नियंत्रण से बाहर जा रही हैं। कांग्रेस नेता ने दावा किया कि जब वह प्रधानमंत्री के पास जाते हैं तो प्रधानमंत्री उनके साथ आंख से आंख मिलाकर बात नहीं कर पाते। राहुल गांधी ने दावा किया, “मेरा अंदाजा है कि एक साल के भीतर नरेन्द्र मोदी प्रधानमंत्री नहीं रहेंगे।”
इसके अलावा, कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने बुधवार को आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) आदिवासियों को जल, जंगल, जमीन के अधिकारों से वंचित रखना चाहते हैं। पार्टी के आदिवासी प्रकोष्ठ द्वारा कांग्रेस मुख्यालय ‘इंदिरा भवन’ में आयोजित एक कार्यक्रम में भाग लेने के बाद राहुल गांधी ने सोशल मीडिया पोस्ट में यह टिप्पणी की। उन्होंने ‘आदिवासी प्रोफेशनल्स कॉन्क्लेव 2026’ में बिरसा मुंडा को श्रद्धांजलि देने के बाद सभा को संबोधित किया और आदिवासियों से जुड़े मुद्दों पर भी चर्चा की।
आदिवासी प्रकोष्ठ के प्रमुख विक्रांत भूरिया ने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष को पारंपरिक आदिवासी टोपी भी भेंट की। गांधी ने फेसबुक पर पोस्ट किया, ”आदिवासी भारत के पहले मालिक हैं जिनमें भारत की ऐतिहासिक चेतना और ज्ञान समाया हुआ है, यही सच्चाई है।” उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा और आरएसएस की आदिवासी विरोधी मानसिकता आपको ‘वनवासी’ का नाम देकर आपके जल, जंगल, जमीन के अधिकारों से वंचित रखना चाहती है। गांधी ने कहा, ”कांग्रेस पार्टी और मैं आपके अधिकारों का सम्मान करते हैं तथा उनकी रक्षा के लिए हर कदम उठाने को, हर लड़ाई लड़ने को तैयार हैं।”
