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राज्यसभा में संख्याबल के बाद भी विपक्षी दलों को जीत का भरोसा नहीं….क्रॉस वोटिंग का डर

राज्यसभा में संख्याबल के बाद भी विपक्षी दलों को जीत का भरोसा नहीं….क्रॉस वोटिंग का डर

पॉलिटिक्स, राष्ट्रीय
नई दिल्ली। राज्यसभा ()Rajya Sabha की 24 सीटों के चुनाव में संख्याबल के बावजूद विपक्षी दलों (Opposition Parties) में अपने उम्मीदवार की जीत का भरोसा पैदा नहीं हो पा रहा है। पिछले कई मौकों पर बड़े पैमाने पर क्रॉस वोटिंग (Cross voting) ने भाजपा (BJP) विरोधी खेमे को कई बड़े झटके दिए हैं। इस बार भी मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh), झारखंड एवं कर्नाटक में काग्रेस और उसके सहयोदी दलों को क्रॉस वोटिंग की चिंता सता रही है। झारखंड की 2 सीटों पर चुनावझारखंड में सत्तारूढ़ झामुमो और उसकी सहयोगी कांग्रेस के पास खाली हो रही दोनों सीट जीतने के लिए पर्याप्त नंबर हैं, लेकिन भाजपा के द्वारा चुनाव लड़ने की तैयारी से समीकरण गड़बड़ा सकते हैं। झारखंड की 81 सदस्यीय विधानसभा में दो राज्यसभा सीटों के चुनाव में एक सीट की जीत के लिए 28 वोट चाहिए। झामुमो के नेतृत्व वाली INDIA गठबंधन की सरकार के पास 56 विधायक हैं। यानी दो...
Karnataka में राज्यसभा चुनाव के लिए मुसलमानों से मांग एक सीट…. बढ़ी कांग्रेस की टेंशन

Karnataka में राज्यसभा चुनाव के लिए मुसलमानों से मांग एक सीट…. बढ़ी कांग्रेस की टेंशन

पॉलिटिक्स, राज्य, राष्ट्रीय
नई दिल्ली। कर्नाटक (Karnataka) में आगामी राज्यसभा चुनाव (Rajya Sabha elections) को लेकर सियासी सरगर्मी तेज हो गई है। राज्य के मुस्लिम संगठनों (Muslim Organizations) के एक प्रमुख महासंघ ने सत्ताधारी कांग्रेस पार्टी (Ruling Congress party) के सामने एक बड़ी मांग रख दी है। फेडरेशन ऑफ स्टेट मुस्लिम ऑर्गेनाइजेशन्स ने मंगलवार को कांग्रेस नेतृत्व से पुरजोर मांग की है कि वह कर्नाटक की चार राज्यसभा सीटों के लिए होने वाले आगामी चुनाव में कम से कम एक सीट मुस्लिम समुदाय के उम्मीदवार को आवंटित करे। कर्नाटक से राज्यसभा की चार सीटों के लिए आगामी 18 जून को मतदान होना है। राज्य विधानसभा में विधायकों की मौजूदा संख्या के बल पर यह साफ है कि इन चार में से 3 सीटों पर कांग्रेस की जीत तय है, जबकि 1 सीट भाजपा के नेतृत्व वाले राजग के खाते में जाने की पूरी संभावना है। यह चुनाव उन चार मौजूदा सांसदों का कार्यकाल ...
पांच देशों की यात्रा से लौटते ही एक्शन मोड में PM मोदी… खोला मंत्रियों के कामकाज का ‘रिपोर्ट कार्ड’

पांच देशों की यात्रा से लौटते ही एक्शन मोड में PM मोदी… खोला मंत्रियों के कामकाज का ‘रिपोर्ट कार्ड’

पॉलिटिक्स, राष्ट्रीय
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) अपने पांच देशों (यूएई, नीदरलैंड, स्वीडन, नॉर्वे और इटली) के सफल दौरे से लौटते ही सीधे ऐक्शन मोड (Action mode) में आ गए हैं। गुरुवार (21 मई) को दिल्ली में प्रधानमंत्री की अध्यक्षता में मंत्रिपरिषद (Council of Ministers) की एक बेहद अहम और लंबी बैठक हुई। राजनीतिक गलियारों में इस बैठक की गूंज बहुत तेज है, क्योंकि इसमें सीधे तौर पर मंत्रियों के कामकाज का 'रिपोर्ट कार्ड' खोलकर रख दिया गया। एनडीए-3 सरकार (NDA-3 Government) के दो साल पूरे होने से ठीक पहले हुई इस मिड-टर्म समीक्षा ने मंत्रिमंडल में बड़े फेरबदल की अटकलों को हवा दे दी है। किस आधार पर बनी 'टॉप-5' और 'बॉटम-5' की लिस्ट?सूत्रों के मुताबिक, यह करीब चार घंटे चली बैठक केवल एक सामान्य चर्चा नहीं थी, बल्कि इसमें मंत्रालयों के परफॉरमेंस का बारीकी से ऑडिट किया गया। बैठक में क...
PM मोदी आज लेंगे कैबिनेट मीटिंग, फेरबदल की अटकलों के बीच लिए जा सकते हैं बड़े फैसले

PM मोदी आज लेंगे कैबिनेट मीटिंग, फेरबदल की अटकलों के बीच लिए जा सकते हैं बड़े फैसले

पॉलिटिक्स, राष्ट्रीय
नई दिल्ली। पांच देशों के दौरे से वापस आने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) गुरुवार को कैबिनेट बैठक (Cabinet Meeting) करेंगे। आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, बैठक में विभिन्न मंत्रालयों के कामकाज, लिए गए प्रमुख निर्णयों और उनके नतीजों तथा भविष्य की योजनाओं सहित अन्य विषयों पर चर्चा होगी। पीएम मोदी की अध्यक्षता में होने वाली बैठक में सभी कैबिनेट मंत्री, स्वतंत्र प्रभार वाले राज्य मंत्री और अन्य राज्य मंत्रियों को शामिल होने के निर्देश दिए गए हैं। कैबिनेट में फेरबदल की अटकलों के बीच, यह इस वर्ष कैबिनेट की पहली पूर्ण बैठक होगी। सूत्रों ने बताया कि बैठक में विभिन्न मंत्रालयों और विभागों के कामकाज, हाल के दिनों में लिए गए प्रमुख निर्णयों और उनके परिणामों, तथा भविष्य की योजनाओं पर चर्चा की जाएगी। विभिन्न सरकारी योजनाओं और कार्यक्रमों के अलग-अलग पहलुओं, उन्हें अधिकतम ...
शिवसेना चुनाव चिन्ह विवाद पर बयानबाजी से भड़का SC…. नेताओं को लगाई फटकार

शिवसेना चुनाव चिन्ह विवाद पर बयानबाजी से भड़का SC…. नेताओं को लगाई फटकार

पॉलिटिक्स, राज्य, राष्ट्रीय
नई दिल्ली। शिवसेना (Shiv Sena) के चुनाव चिह्न (Election Symbol Dispute) को लेकर चल रहे विवाद में सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने बहुत सख्त रुख अपनाया है। देश की सबसे बड़ी अदालत ने नेताओं द्वारा कोर्ट के खिलाफ की जा रही बयानबाजी पर गहरी नाराजगी जताई। शुक्रवार को इस अहम मामले की सुनवाई करते हुए जजों ने साफ कहा कि नेता मीडिया में अदालत के खिलाफ कोई भी गैरजिम्मेदार बातें न कहें। अदालत ने सख्त चेतावनी दी है कि इस तरह का व्यवहार बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। असल में, शिवसेना के दोनों गुटों (उद्धव और शिंदे) के बीच चुनाव चिह्न को लेकर सुप्रीम कोर्ट में केस चल रहा है। मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्या बागची की पीठ ने इस मामले की सुनवाई की। अदालत इस बात से बहुत नाराज थी कि नेता अदालत के अंदर तो खुद सुनवाई टालने के लिए नई तारीखें मांगते हैं, लेकिन बाहर जाकर मीडिया में यह गलत बा...
रतिंद्र बोस ने रचा इतिहास…. पहली बार उत्तर बंगाल से कोई MLA बना विधानसभा अध्यक्ष

रतिंद्र बोस ने रचा इतिहास…. पहली बार उत्तर बंगाल से कोई MLA बना विधानसभा अध्यक्ष

पॉलिटिक्स, राज्य, राष्ट्रीय
कोलकाता। पश्चिम बंगाल (West Bengal.) की नवगठित 18वीं विधानसभा ने शुक्रवार को एक नया इतिहास रच दिया। भारतीय जनता पार्टी के विधायक (Bharatiya Janata Party MLA) रतिंद्र बोस (Ratindra Bose.) को निर्विरोध विधानसभा अध्यक्ष (Speaker Assembly ) चुना गया। आजादी के बाद यह पहली बार है जब उत्तर बंगाल के किसी विधायक को विधानसभा अध्यक्ष जैसे अहम और प्रतिष्ठित पद की जिम्मेदारी मिली है। मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी (Chief Minister Suvendu Adhikari) ने रतिंद्र बोसे के नाम का प्रस्ताव रखा। इसके बाद प्रोटेम स्पीकर तापस रॉय ने ध्वनि मत के माध्यम से प्रक्रिया को आगे बढ़ाया। सदन में मौजूद सभी 207 भाजपा विधायकों ने एकमत होकर बोस के पक्ष में समर्थन दिया। विपक्ष की भूमिका में बैठी तृणमूल कांग्रेस (TMC) ने इस पद के लिए अपना कोई उम्मीदवार मैदान में नहीं उतारा था, जिससे बोस के निर्वाचन का मार्ग पूरी तरह साफ हो गया ...
पेपर लीक बवाल के बीच तमिलनाडु के CM विजय बोले- ‘NEET बंद हो… 12वीं के नंबर पर मिले एडमिशन

पेपर लीक बवाल के बीच तमिलनाडु के CM विजय बोले- ‘NEET बंद हो… 12वीं के नंबर पर मिले एडमिशन

पॉलिटिक्स, राज्य, राष्ट्रीय
नई दिल्ली। नीट (NEET-UG 2026) परीक्षा को लेकर देशभर में बवाल मचा है. पेपर लीक (Paper Leak) के आरोपों ने सबको परेशान कर दिया है. इसी बीच तमिलनाडु (Tamil Nadu) के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय (Chief Minister C. Joseph Vijay) ने बुधवार को अपनी बात मजबूती से रखी है. विजय ने साफ कहा है कि 'मेडिकल कॉलेजों में दाखिले के लिए नीट परीक्षा बंद होनी चाहिए'. उनका कहना है कि 'छात्रों को 12वीं के नंबरों के आधार पर ही मेडिकल में एडमिशन मिले'. इससे हर बच्चे को आगे बढ़ने का बराबर मौका मिलेगा। मुख्यमंत्री विजय ने सोशल मीडिया (X) पर परीक्षा के पूरे सिस्टम पर सवाल खड़े किए. उन्होंने कहा कि पेपर लीक की खबरों ने पूरे देश को हिलाकर रख दिया है. विजय ने याद दिलाया कि साल 2024 में भी पेपर लीक हुआ था और 6 राज्यों में एफआईआर दर्ज की गई थी, जिसकी जांच बाद में सीबीआई को सौंपी गई. उन्होंने आगे कहा कि इसरो के पूर्व चेयरम...
तमिलनाडुः CM विजय का एक और बड़ा एक्शन.. मंदिरों और स्कूलों के आसपास के शराब ठेके तत्काल बंद करने के आदेश

तमिलनाडुः CM विजय का एक और बड़ा एक्शन.. मंदिरों और स्कूलों के आसपास के शराब ठेके तत्काल बंद करने के आदेश

पॉलिटिक्स, राज्य, राष्ट्रीय
चेन्नई। तमिलनाडु (Tamil Nadu) में मुख्यमंत्री (Chief Minister) पद की शपथ लेते ही सी जोसेफ विजय (C Joseph Vijay) ऐक्शन मोड में हैं। उन्होंने बड़ा आदेश देते हुए कहा है कि पूजा के स्थलों, स्कूलों और बस अड्डों के आसपास 500 मीटर के दायरे में सभी शराब की सरकारी दुकानें तत्काल बंद कर दी जाएं। सख्त आदेश जारी करते हुए विजय ने कहा है कि यह फैसला दो हफ्ते के अंदर ही लागू होगा। बता दें कि मुख्यमंत्री बनते ही मंच पर ही उन्होंने अपने वादों को पूरा करने के लिए तीन फैसलों पर साइन कर दिए थे। पहला आदेश 200 यूनिट फ्री बिजली देने को लेकर था। दूसरा आदेश महिलाओं की सुरक्षा के लिए स्पेशल टास्क फोर्स गठित करने और तीसरा नशे की सस्या से निपटने के लिए हर जिले में विशेष फोर्स का गठन करना था। सोमवार को ही सीएम विजय समेत सभी नवनिर्वाचित विधायकों ने विधानसभा में शपथ ली है। सबसे पहले मुख्यमंत्री विजय ने विधायक के र...
बंगाल में BJP सरकार का एक्शन.. ममता शासन के कई फैसले पर चली कलम, कई अफसरों को किया बाहर

बंगाल में BJP सरकार का एक्शन.. ममता शासन के कई फैसले पर चली कलम, कई अफसरों को किया बाहर

पॉलिटिक्स, राज्य, राष्ट्रीय
कोलकाता। पश्चिम बंगाल (West Bengal) में सत्ता परिवर्तन के तुरंत बाद नई बीजेपी सरकार (New BJP Government) ने तेज और आक्रामक शुरुआत की है. मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी (Chief Minister Shubhendu Adhikari) की पहली कैबिनेट बैठक में ममता बनर्जी (Mamata Banerjee) शासनकाल के कई फैसलों पर CM अधिकारी की कलम तेजी से चली. ममता सरकार द्वारा नियुक्त कई रिटायर्ड IAS-IPS अधिकारियों को सरकारी दफ्तरों से बाहर करने का फैसला लिया गया, जबकि पुरानी नीतियों को पलटते हुए नई दिशा दी गई। एक अहम फैसले में अधिकारी सरकार ने BSF को बांग्लादेश सीमा पर बाड़ लगाने के लिए 600 एकड़ जमीन तुरंत ट्रांसफर करने का फैसला किया है. इसके अलावा सरकार ने जनगणना शुरू करने, ममता काल की IAS-IPS ट्रेनिंग नीति को बदलने और भारतीय न्याय संहिता (BNS) को तुरंत लागू करने जैसे बड़े फैसले लिए। नए CM शुभेंदु अधिकारी ने साफ संदेश दिया कि अफसरो...
पश्चिम बंगाल में नई सरकार का कामकाज शुरू…. CM शुभेंदु ने मंत्रियों को बांटे विभाग

पश्चिम बंगाल में नई सरकार का कामकाज शुरू…. CM शुभेंदु ने मंत्रियों को बांटे विभाग

पॉलिटिक्स, राज्य, राष्ट्रीय
कोलकाता। पश्चिम बंगाल (West Bengal) विधानसभा चुनाव (Assembly Elections) में प्रचंड जीत के बाद नई बीजेपी सरकार (New BJP government) ने राज्य में प्रशासनिक कामकाज को तेजी से पटरी पर लाने की कोशिश शुरू कर दी है. मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी (Chief Minister Shubhendu Adhikari) ने भी सोमवार को मंत्रियों के बीच विभागों का बंटवारा कर दिया. गृह, वित्त और कर्मचारियों ​अधिकारियों की ट्रांसफर पोस्टिंग से जुड़े कार्मिक जैसे महत्वपूर्ण विभाग मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने अपने पास रखे हैं। दिलीप घोष:बीजेपी के वरिष्ठ नेता और खड़गपुर सदर से विधायक दिलीप घोष को ग्रामीण विकास, पंचायती राज और पशु संसाधन विभाग की जिम्मेदारी सौंपी गई है. यह विभाग राज्य में ग्रामीण प्रशासन और जमीनी योजनाओं के क्रियान्वयन के लिहाज से बेहद अहम माना जाता है। अशोक कीर्तनिया:बनगांव उत्तर के विधायक अशोक कीर्तनिया को खाद्य विभाग...