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पॉलिटिक्स

NEET पेपर लीक पर सरकार सख्त, फास्ट-ट्रैक कोर्ट वाले कानून पर कैबिनेट में होगी चर्चा; शिक्षा मंत्री के इस्तीफे पर सस्पेंस बरकरार

NEET पेपर लीक पर सरकार सख्त, फास्ट-ट्रैक कोर्ट वाले कानून पर कैबिनेट में होगी चर्चा; शिक्षा मंत्री के इस्तीफे पर सस्पेंस बरकरार

पॉलिटिक्स, राष्ट्रीय
नई दिल्ली। NEET पेपर लीक विवाद को लेकर देशभर में जारी विरोध प्रदर्शनों और विपक्ष के हमलों के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने परीक्षा प्रणाली को लेकर बड़ा संदेश दिया है। प्रधानमंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार पेपर लीक जैसी घटनाओं पर लगाम लगाने के लिए सख्त कानून लाने की तैयारी कर रही है। इसके तहत फास्ट-ट्रैक कोर्ट और दोषियों के लिए कड़ी सजा का प्रावधान प्रस्तावित किया गया है। इस मसौदे पर केंद्रीय कैबिनेट की बैठक में चर्चा होगी। हालांकि, छात्रों और विपक्ष की ओर से केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग लगातार उठाई जा रही है, लेकिन प्रधानमंत्री के बयान में मंत्रिमंडल में किसी बदलाव या इस्तीफे को लेकर कोई संकेत नहीं दिया गया। 'लाखों छात्रों का भविष्य प्रभावित हुआ' करीब तीन मिनट के वीडियो संदेश में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि पेपर लीक कोई सामान्य घटना नहीं है। इससे लाख...
CJP प्रोटेस्ट: सोनम वांगचुक ने 26 दिन बाद खत्म किया अनशन…. नड्डा बने सरकार के संकटमोचक

CJP प्रोटेस्ट: सोनम वांगचुक ने 26 दिन बाद खत्म किया अनशन…. नड्डा बने सरकार के संकटमोचक

पॉलिटिक्स, राष्ट्रीय
नई दिल्ली। कॉकरोच जनता पार्टी (Cockroach Janata Party- CJP) के बैनर तले विरोध प्रदर्शन कर रहे छात्रों के साथ बातचीत में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा (JP Nadda) सरकार के मुख्य वार्ताकार के रूप में उभरे हैं। नड्डा न केवल छात्रों से बातचीत कर रहे हैं, बल्कि अस्पतालों में घायल प्रदर्शनकारियों से भी मुलाकात कर रहे हैं, जिसने उन्हें इस पूरे मामले के केंद्र में ला खड़ा किया है। इसी बीच अनिश्चितकालीन अनशन पर बैठे सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक (Sonam Wangchuk) ने सरकार के आश्वासन के बाद 26 दिन से जारी अपना अनशन समाप्त कर दिया है। इस दौरान भी जेपी नड्डा मौजूद रहे। इस बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) ने उनके जल्द स्वस्थ होने की कामना की, जबकि CJP ने साफ किया कि शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान (Dharmendra Pradhan) के इस्तीफे तक उसका जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण प्रदर...
सेना प्रमुख के कार्यालय में बदला बैकड्रॉप: विवादित पेंटिंग हटाकर लगाया गया भारतीय सेना का प्रतीक चिह्न

सेना प्रमुख के कार्यालय में बदला बैकड्रॉप: विवादित पेंटिंग हटाकर लगाया गया भारतीय सेना का प्रतीक चिह्न

पॉलिटिक्स, राष्ट्रीय
नई दिल्ली। भारतीय सेना प्रमुख के साउथ ब्लॉक स्थित कार्यालय के लाउंज में लगी विवादित पेंटिंग को हटा दिया गया है। उसकी जगह अब भारतीय सेना का आधिकारिक प्रतीक चिह्न (एम्ब्लेम) लगाया गया है। यह वही स्थान है, जहां सेना प्रमुख विदेशी प्रतिनिधिमंडलों, राजनयिकों और अन्य गणमान्य व्यक्तियों से मुलाकात करते हैं। इस बदलाव को लेकर पूर्व सैन्य अधिकारियों ने सकारात्मक प्रतिक्रिया दी है। डूरंड कप के वीडियो से सामने आया बदलाव यह बदलाव तब सार्वजनिक रूप से सामने आया, जब ईस्टर्न कमांड ने 25 जुलाई से शुरू हो रहे डूरंड कप फुटबॉल टूर्नामेंट के 135वें संस्करण के संबंध में सेना प्रमुख जनरल धीरज सेठ का एक वीडियो संदेश जारी किया। 30 जून को सेना प्रमुख का पद संभालने वाले जनरल सेठ वीडियो में अपने कार्यालय में बैठे दिखाई दिए। वीडियो में उनके पीछे पहले लगी विवादित पेंटिंग की जगह भारतीय सेना का प्रतीक चिह्न स्पष्ट र...
जंतर-मंतर प्रदर्शन: महिला को थप्पड़ मारने के आरोप में ADCP संदीप लांबा हटाए गए, RAF जवानों पर हमले की भी जांच शुरू

जंतर-मंतर प्रदर्शन: महिला को थप्पड़ मारने के आरोप में ADCP संदीप लांबा हटाए गए, RAF जवानों पर हमले की भी जांच शुरू

पॉलिटिक्स, राष्ट्रीय
नई दिल्ली। जंतर-मंतर पर CJP (कॉकरोच जनता पार्टी) के प्रदर्शन के दौरान एक महिला प्रदर्शनकारी को कथित तौर पर थप्पड़ मारने के आरोप में अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त (ADCP) संदीप लांबा को प्रदर्शन ड्यूटी से हटा दिया गया है। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद मामला दिल्ली हाईकोर्ट पहुंचा, जहां पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए गए। वहीं, प्रदर्शन के दौरान दो रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) के जवानों पर कथित हमले के मामले में भी दिल्ली पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। वायरल वीडियो के बाद लिया गया फैसला पुलिस सूत्रों के अनुसार, संदीप लांबा को जंतर-मंतर पर चल रही कानून-व्यवस्था की ड्यूटी से हटाकर उनकी मूल तैनाती पर वापस भेज दिया गया है। संदीप लांबा दिल्ली, अंडमान एवं निकोबार द्वीप समूह पुलिस सेवा (DANIPS) के अधिकारी हैं और वर्तमान में उत्तर-पूर्व जिला में अतिरिक्त डीसीपी के पद पर कार्य...
देशभर में प्रदर्शन के बीच शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का बड़ा बयान, बोले – छात्रों का फायदा उठा रहे राहुल गांधी

देशभर में प्रदर्शन के बीच शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का बड़ा बयान, बोले – छात्रों का फायदा उठा रहे राहुल गांधी

पॉलिटिक्स, राष्ट्रीय
नई दिल्ली। दिल्ली (Delhi) समेत कई शहरों में छात्रों और युवाओं का गुस्सा चरम पर है। इसी बीच शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान (Dharmendra Pradhan) ने कहा है कि राहुल गांधी (Rahul Gandhi) छात्रों का फायदा उठा रहे हैं। उन्होंने सरकार की जवाबदेही की तरफ संकेत करते हुए कहा, हमें युवाओं और छात्रों के लिए इनके गुस्से से कहीं अधिक करने की जरूरत है। प्रधान का बयान ऐसे समय में सामने आया है जब दिल्ली में कॉकरोच जनता पार्टी (Cockroach Janata Party- CJP) और कांग्रेस पार्टी समेत कई दलों के नेता और प्रतियोगी परीक्षा के अभ्यर्थी सड़कों पर उतर आए हैं। आज प्रधानमंत्री आवास के पास भी प्रदर्शन किया गया। क्या शिक्षा मंत्री के बयान में सरकार के रवैये का संकेत?प्रधान ने कहा, हमारी सरकार नीट पर चर्चा करने और सदन में हमारे युवाओं की हर सही चिंता को दूर करने के लिए सौ फीसदी प्रतिबद्ध है। भारत के छात्र राजनीतिक अभिय...
भारत में धरना-प्रदर्शन के क्या हैं नियम? कब लेनी पड़ती है पुलिस की अनुमति और क्या कहता है संविधान

भारत में धरना-प्रदर्शन के क्या हैं नियम? कब लेनी पड़ती है पुलिस की अनुमति और क्या कहता है संविधान

पॉलिटिक्स, राष्ट्रीय
नई दिल्ली। किसी भी लोकतांत्रिक व्यवस्था में शांतिपूर्ण विरोध-प्रदर्शन नागरिकों का महत्वपूर्ण अधिकार माना जाता है। भारत का संविधान भी लोगों को अपनी बात रखने और शांतिपूर्ण तरीके से एकत्र होने की स्वतंत्रता देता है। हालांकि यह अधिकार पूर्णतः असीमित नहीं है। सार्वजनिक व्यवस्था, सुरक्षा और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रदर्शन, रैली या मार्च आयोजित करने से पहले कई मामलों में प्रशासनिक अनुमति लेना आवश्यक होता है। हाल के दिनों में संसद मार्च और धरना-प्रदर्शन को लेकर उठे विवादों के बाद यह सवाल फिर चर्चा में है कि भारत में प्रदर्शन के लिए क्या नियम हैं और पुलिस किन परिस्थितियों में अनुमति देने या रोक लगाने का अधिकार रखती है। संविधान क्या अधिकार देता है? भारतीय संविधान के अनुच्छेद 19(1)(a) के तहत प्रत्येक नागरिक को अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता प्राप्त है। वहीं अनुच्छेद 19(1)(b) नागरिकों को ब...
दतिया में आमने-सामने आए जीतू पटवारी और भाजपा प्रत्याशी, चुनाव प्रचार के बीच हुई तीखी नोकझोंक

दतिया में आमने-सामने आए जीतू पटवारी और भाजपा प्रत्याशी, चुनाव प्रचार के बीच हुई तीखी नोकझोंक

पॉलिटिक्स, मध्य प्रदेश
दतिया। मध्य प्रदेश में चुनावी माहौल के बीच दतिया विधानसभा क्षेत्र के चिरुला गांव में कांग्रेस और भाजपा के नेताओं के बीच दिलचस्प राजनीतिक घटनाक्रम देखने को मिला। कांग्रेस की एक चुनावी सभा समाप्त होने के बाद भाजपा प्रत्याशी आशुतोष तिवारी का काफिला वहां से गुजरा, तभी दोनों दलों के नेताओं के बीच कुछ देर तक बातचीत और राजनीतिक तंज का दौर चला। इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से साझा किया जा रहा है। कांग्रेस सभा के बाद हुआ आमना-सामना जानकारी के अनुसार, कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी गांव में सभा को संबोधित कर रहे थे। कार्यक्रम समाप्त होने के बाद उन्होंने वहां से गुजर रहे भाजपा उम्मीदवार आशुतोष तिवारी को आवाज देकर अपने पास बुलाया। दोनों नेताओं ने पहले सामान्य बातचीत की, लेकिन कुछ ही देर में चर्चा चुनावी आरोप-प्रत्यारोप में बदल गई। 'बिना मिले जा रहे हैं' कहकर की बातचीत क...
संसद का मॉनसून सत्र आज से…. राम मंदिर चढ़ावा, एथनॉल और NEET जैसे मुद्दों पर हंगामे के आसार

संसद का मॉनसून सत्र आज से…. राम मंदिर चढ़ावा, एथनॉल और NEET जैसे मुद्दों पर हंगामे के आसार

पॉलिटिक्स, राष्ट्रीय
नई दिल्ली। संसद (Parliament) का मॉनसून सत्र (Monsoon Session) सोमवार से शुरू होने जा रहा है और सत्तापक्ष और विपक्ष (Opposition) की रणनीति को देखते हुए इसके हंगामेदार रहने के आसार हैं। सत्र की शुरुआत से एक दिन पहले रविवार को हुई सर्वदलीय बैठक और लोकसभा (Lok Sabha) की कार्य मंत्रणा समिति (BAC) की बैठक में सरकार और विपक्ष के बीच विभिन्न मुद्दों पर चर्चा को लेकर मतभेद सामने आए। विपक्षी दलों ने अयोध्या के राम मंदिर (Ayodhya's Ram Mandir) से जुड़े कथित चढ़ावा, नीट प्रश्नपत्र लीक, एथनॉल नीति, मणिपुर की स्थिति, किसानों और निर्वाचन आयोग की कार्यप्रणाली समेत कई विषयों पर चर्चा की मांग की। जबकि, सरकार ने दोनों सदनों की कार्यवाही सुचारू रूप से चलाने में सहयोग की अपील की। 8 विधेयकों के साथ सरकार तैयारसंसदीय कार्य मंत्री किरेन रीजीजू ने कहा कि मॉनसून सत्र के लिए आठ विधेयक सूचीबद्ध किए गए हैं और यद...
NCP सांसद सुप्रिया सुले वॉयस रेस्ट पर… दो सप्ताह तक न कुछ बोलेंगी, न बैठकों में जाएंगी

NCP सांसद सुप्रिया सुले वॉयस रेस्ट पर… दो सप्ताह तक न कुछ बोलेंगी, न बैठकों में जाएंगी

पॉलिटिक्स, राज्य, राष्ट्रीय
मुम्बई। सोमवार से संसद (Parliament) के मॉनसून सत्र (Monsoon Session) की शुरुआत होने वाली है। इससे ठीक पहले महाराष्ट्र (Maharashtra) से एक बड़ी खबर सामने आ रही है। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (Nationalist Congress Party- NCP) के मुखिया शरद पवार (Sharad Pawar) की बेटी और बारामती से सांसद सुप्रिया सुले (Supriya Sule) ने पूरी तरह से मीडिया से दूरी बना ली है। इस दौरान ना तो वह किसी चैनल से बात करेंगी और ना ही किसी तरह का प्रेस कॉन्फ्रेंस करेंगी। इस दौरान वह किसी रैली को भी संबोधित नहीं करेंगी। आपको बता दें कि सुप्रिया ने खुद इसकी जानकारी दी है। सुप्रिया सुले के मुताबिक, डॉक्टरों की सलाह पर उन्होंने पूरी तरह से वॉयस रेस्ट यानी कि आवाज को आराम देने का फैसला किया है। पिछले कुछ दिनों से कई राजनीतिक चर्चाओं के केंद्र में रहीं सुप्रिया सुले अगले एक से दो सप्ताह तक न तो कोई भाषण देंगी और न ही मीडिय...
मॉनसून सत्र में अहम बिल पास कराने की तैयारी….बहुमत के लिए विपक्षी दलों से दोस्ती बढ़ा रही सरकार!

मॉनसून सत्र में अहम बिल पास कराने की तैयारी….बहुमत के लिए विपक्षी दलों से दोस्ती बढ़ा रही सरकार!

पॉलिटिक्स, राष्ट्रीय
नई दिल्ली। संसद (Parliament) के मॉनसून सत्र (Monsoon Session) के पहले सरकार ने विपक्षी खेमे के कई दलों के साथ दोस्ती बढ़ा दी है। सत्र के दौरान संविधान संशोधन (Constitutional Amendment) समेत विभिन्न विधेयकों पर समर्थन की संभावना वाले इन दलों के खिलाफ भाजपा या उसके किसी घटक दल की तरफ से न तो कोई आरोप लगाया जाएगा और न ही कोई विवादित बयान दिए जाएंगे। एनडीए के सभी दलों के नेताओं को कहा गया है कि वे कांग्रेस और सपा के अलावा विपक्ष के अन्य सभी दलों के खिलाफ बयानबाजी से परहेज करें। सरकार को इस सत्र में महिला आरक्षण और उससे जुड़ा परिमीमन संबंधी संविधान संशोधन विधेयक लाना है। इसके लिए दो तिहाई सांसदों का समर्थन जरूरी है। सरकार ने लोकसभा और राज्यसभा दोनों सदनों में दो तिहाई बहुमत का आंकड़ा जुटा लिया है। इसके लिए उसके नेताओं ने विपक्ष के द्रमुक और एनसीपी (एसपी) जैसे दलों के नेताओं से जरूरी आश्वासन ...