बायर डायरेक्टएकर्स की डीएसआर तकनीक से बदली धान की खेती की तस्वीर
भारत में धान देश की प्रमुख खाद्यान्न फसलों में शामिल है और अधिकांश क्षेत्रों में इसकी खेती अब भी पारंपरिक रोपाई पद्धति से की जाती है। इस पद्धति में पहले नर्सरी तैयार की जाती है, फिर पौधों की रोपाई की जाती है, जिससे सिंचाई, मजदूरी और समय—तीनों पर अधिक खर्च आता है। ऐसे समय में मध्य प्रदेश के बालाघाट जिले का डोके गांव धान उत्पादन में एक नए बदलाव का उदाहरण बनकर उभरा है। यहां किसानों ने आधुनिक तकनीक अपनाकर खेती की लागत घटाने और उत्पादन को अधिक टिकाऊ बनाने की दिशा में उल्लेखनीय पहल की है।
डोके गांव के अधिकांश किसान वर्षों से धान की खेती पर निर्भर रहे हैं। हालांकि लगातार बढ़ती मजदूरी, सिंचाई का खर्च और घटता मुनाफा उनके लिए बड़ी चुनौती बन गया था। हर सीजन में खेती की लागत बढ़ रही थी, जबकि आय अपेक्षित स्तर तक नहीं पहुंच पा रही थी। ऐसे में किसानों को खेती के अधिक व्यवहारिक और किफायती विकल्प की तला...









