“शौर्या दल” 22 लाख महिलाओं की देश की सबसे बड़ी साइलेंट आर्मी
एमपी कैबिनेट ने दी वर्ष 2030-31 तक निरंतरता को मंजूरी
भोपाल! मध्यप्रदेश के गांवों और शहरों की गलियों से गुज़रते हुए अगर आपको साड़ी का पल्लू संभाले या कॉलेज का बैग टांगे महिलाओं की कोई टोली दिखाई दे, तो उन्हें सिर्फ राहगीर समझने की भूल मत कीजिएगा। यह मध्यप्रदेश की 'शौर्या दल' सेना है—बिना वर्दी के समाज की वो 'गार्डियन' जो आज देश में महिला सशक्तिकरण की सबसे बुलंद हुंकार बन चुकी है ,जिसने महिला सशक्तिकरण की परिभाषा को कागजों से निकालकर धरातल पर साकार कर दिखाया है। वर्ष 2013 में महज़ 6 जिलों से शुरू हुआ यह कारवां आज प्रदेश के कोने-कोने में फैल चुका है, जिसे देखते हुए सरकार ने इसे अगले 5 साल (2026-27 से 2030-31) तक लगातार जारी रखने का महत्वपूर्ण फैसला किया है।
अपराध पर 'प्री-एंट्री बैन': पुलिस से पहले पहुंचती है यह 'जाबांज टोली'
शौर्या दल की सबसे बड़ी यूएसपी यह है कि य...









