
नई दिल्ली, 06 नवंबर (प्रेस ब्यूरो)। आज एंटीगुआ और बारबुडा में आयोजित राष्ट्रमंडल शासनाध्यक्षों की बैठक (सीएचओजीएम) के दौरान डॉ. एस. जयशंकर ने गुयाना के राष्ट्रपति डॉ. मोहम्मद इरफ़ान अली से मुलाकात की। इस अवसर पर विदेश मंत्री ने गुयाना की विकास प्राथमिकताओं और अवसंरचना परियोजनाओं के समर्थन हेतु भारत द्वारा 50 करोड़ अमेरिकी डॉलर की नई ऋण रेखा (लाइन ऑफ क्रेडिट) का विस्तार करने की घोषणा की।
बैठक के दौरान दोनों देशों के बीच तीन महत्वपूर्ण समझौतों पर हस्ताक्षर हुए। पहली अनुबंध में सूक्ष्म एवं लघु उद्यम (एमएसई) विनिर्माण परियोजनाओं की आपूर्ति एवं स्थापना का प्रावधान है। दूसरी में त्वरित प्रभाव परियोजनाओं (क्यूआईपी) के कार्यान्वयन के लिये अनुदान सहायता की व्यवस्था है। तीसरी में डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना (डीपीआई) के क्षेत्र में सहयोग और गुयाना में एकीकृत भुगतान इंटरफेस (यूपीआई) जैसी प्रणाली के संचालन हेतु सहयोग का उल्लेख है।
वर्ष 2024 में प्रधानमंत्री मोदी की गुयाना यात्रा के बाद दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय संबंधों में हुई प्रगति की समीक्षा की गई। भारत ने 50 करोड़ डॉलर (लाइन ऑफ क्रेडिट), सूक्ष्म और लघु उद्यम, ‘क्विक इम्पैक्ट प्रोजेक्ट्स’ के क्रियान्वयन हेतु विशेष सहायता, डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर और गुयाना में यूपीआई जैसी प्रणाली के संचालन में सहयोग के लिए समझौतों पर सहमति जताई।
साथ ही, राष्ट्रमंडल शासनाध्यक्षों की बैठक (सीएचओजीएम 2026) के दौरान भारत ने वैश
