
भोपाल, 06 नवंबर (प्रेस ब्यूरो)। मध्य प्रदेश की विधान सभा में प्रतिपक्ष के नेता उमंग सिंघार ने सरकार को पत्र के माध्यम से सफाई कर्मचारियों के वेतन, नियमितीकरण और अन्य लंबित मांगों पर ठोस कदम उठाने का आह्वान किया। उसी दिन वे मुख्य मंत्री डॉ. मोहन यादव से भी व्यक्तिगत रूप से मिले।
सिंघार ने पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुए बताया कि नगरीय निकायों में सफाई का कार्य करने वाले कर्मचारियों को उनकी मेहनत के अनुपात में वेतन व रोजगार सुरक्षा नहीं मिल पा रही है। उन्होंने दावा किया कि कई स्थानों पर मासिक वेतन 6 से 9 हजार रुपए के बीच है, जबकि महंगाई के बावजूद परिवार का भरण-पोषण कठिन हो रहा है। उन्होंने सरकार से इन समस्याओं का समयबद्ध निराकरण करने की मांग की।
नेता ने जोर देकर कहा कि स्वच्छता अभियान और शहरों की रैंकिंग में सफाई कर्मचारियों की महत्वपूर्ण भूमिका है, परंतु उनके वेतन, सामाजिक सुरक्षा और स्थायी रोजगार पर भी ध्यान देना अनिवार्य है। 3 नवंबर को भोपाल में प्रदर्शन के बाद 4 नवंबर से पूरे राज्य में कामबंद हड़ताल की घोषणा हुई थी।
सिंघार ने चार प्रमुख मांगें पेश कीं:
1. दैनिक वेतनभोगी तथा विनियमित कर्मचारियों का नियमितीकरण और सरकारी कर्मचारी दर्जा।
2. सभी नगरीय निकायों में न्यूनतम 25 हजार रुपए मासिक वेतन।
3. ठेका एवं आउटसोर्सिंग को समाप्त कर स्थायी रोजगार।
4. सेवा काल में मृत्यु होने पर परिवार के पात्र सदस्य को अनुकंपा नियुक्ति।
सीवर एवं सेप्टिक टैंक की सफाई के दौरान सुरक्षा का मुद्दा भी उठाया गया। जून 2023 से जुलाई 2026 के बीच ग्वालियर, रीवा, सतना, इंदौर और उज्जैन में पाँच घटनाओं में आठ लोगों की मौत और चार घायल हुए। सिंघार ने सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के अनुसार 30 लाख रुपए मुआवजे की बात करते हुए सरकार से पूछताछ की कि अब तक कितनी राशि वितरित हुई है और कितने मामले लंबित हैं।
हाईकोर्ट के आदेशों पर भी चर्चा हुई। 25 मार्च 2025 को मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों के नियमितीकरण हेतु व्यापक नीति बनाने के निर्देश दिए। 21 सितंबर 2026 को युगलपीठ ने सरकार की अपील खारिज कर नीति तैयार करने के निर्देश बरकरार रखे। सिंघार ने आग्रह किया कि सरकार न्यायालय के निर्देशों के अनुरूप नीतिगत निर्णय लेकर कर्मचारियों के भविष्य को सुरक्षित करे।
सफाई कर्मचारी शहरों को स्वच्छ रखने में अहम योगदान देते हैं। 2019 के प्रयागराज कुंभ में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा सफाई कर्मचारियों के पैर धोकर सम्मानित करने के बाद सिंघार ने कहा कि सम्मान के साथ उचित वेतन, सुरक्षित कार्यस्थल और स्थायी रोजगार भी मिलना चाहिए। उन्होंने मुख्यमंत्री से आग्रह किया कि उपरोक्त सभी मुद्दों पर शीघ्र निर्णय लिया जाए और सीवर सफाई दुर्घटनाओं को रोकने हेतु सुरक्षा व्यवस्था मजबूत की जाए।
