
भोपाल, 06 नवंबर (प्रेस ब्यूरो)। दिवाली के पहले दिन, मध्यप्रदेश की सफाई व्यवस्था चरम पर आ गई है। सफाई कर्मचारी, जिनकी संख्या दो लाख से अधिक है, ने नियमित नौकरी, बेहतर वेतन और आउटसोर्सिंग समाप्त करने की मांगों पर अनिश्चितकालीन हड़ताल कर दी है। परिणामस्वरूप घरों से कचरा उठाना बंद हो गया है और कई वार्डों में कचरे के ढेर लगने लगे हैं। त्योहार के इस समय में पैदा हुआ यह संकट नगर निकायों की चिंता बढ़ा रहा है। कर्मचारियों ने दो टूक चेतावनी दी है कि मांगें पूरी होने तक काम पर वापसी नहीं होगी।
भोपाल में सफाई कर्मचारियों के बाद, नगर निगम के लगभग 11 हजार दैनिक वेतनभोगी कर्मचारी भी गुरुवार से काम बंद कर चुके हैं। इसके साथ ही निगम का प्रशासनिक और मैदानी कामकाज लगभग ठप हो गया है। सफाई, जलप्रदाय, अग्निशमन, विद्युत, अतिक्रमण नियंत्रण, भवन अनुज्ञा, उद्यान और अन्य महत्वपूर्ण सेवाओं से जुड़े कर्मचारियों के आंदोलन में शामिल होने से राजधानी की नागरिक सुविधाएं गंभीर संकट की ओर बढ़ रही हैं।
सबसे बड़ी चिंता शुक्रवार से पेयजल आपूर्ति बंद करने की चेतावनी है। अगर ऐसा हुआ तो भोपाल के 2.30 लाख से अधिक नल कनेक्शन प्रभावित हो सकते हैं। प्रदेश के
