
जांजगीर-चांपा, 05 नवंबर (हिन्दुस्तान)। छत्तीसगढ़ के जांजगीर-चांपा जिले में कीटनाशक मिली शराब पिलाकर दो व्यक्तियों की हत्या करने के मामले में, न्यायालय ने गुरुवार को आरोपित को दो बार आजीवन कारावास की सजा सुनाई। इस फैसले के पीछे पारस पटेल की बारीकी से की गई विवेचना और ठोस साक्ष्य संकलन का विशेष योगदान बताया गया।
मामले की शुरुआत नवागढ़ थाना क्षेत्र के ग्राम भठली में 6 मार्च 2025 को हुई। शराब बिक्री को लेकर सुंदरलाल कुर्रे का आरोपित से टकराव हो गया था। उसी वैर के चलते आरोपित ने देशी शराब की एक शीशी में कीटनाशक मिलाकर उसे सुंदरलाल के घर पहुँचाया। सुंदरलाल ने शराब पीने से इनकार कर दिया, तब आरोपित ने उसी स्थान पर मौजूद सीताराम लहरे और रोहित कुमार तेंदुलकर को वह जहरीली शराब दे दी।
कीटनाशक मिला हुआ शराब पीने के बाद दोनों की स्वास्थ्य स्थिति बिगड़ गई। उन्हें तुरंत निकटतम अस्पताल ले जाया गया, जहाँ डॉक्टरों ने कई जांचों के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। घटना के बाद पुलिस ने तेज़ी से जांच शुरू की, जिसमें पारस पटेल ने प्रमुख भूमिका निभाई। उन्होंने कीटनाशक का डिब्बा, एफएसएल रिपोर्ट और अन्य वैज्ञानिक प्रमाणों को एकत्र किया, जिससे आरोपित के खिलाफ मजबूत मामला तैयार हुआ।
न्यायालय में अभियोजन पक्ष ने 19 गवाहों के बयान, स्थल से जुटाए गए भौतिक साक्ष्य और वैज्ञानिक रिपोर्ट पेश की। इन सब साक्ष्यों ने आरोपित के अपराध को “संदेह से परे” सिद्ध किया। परिणामस्वरूप न्यायालय ने आरोपित को दो बार आजीवन कारावास की सजा सुनाई, जिससे इस दोहरे हत्याकांड को कड़ी सजा मिली।
जांजगीर-चांपा पुलिस ने कहा कि पारस पटेल की प्रभावी विवेचना और पुख्ता साक्ष्य संकलन के कारण आरोपी को कठोर सजा दिलाने में महत्वपूर्ण सफलता मिली। इस निर्णय से भविष्य में इसी प्रकार के मामलों में सख़्त कानूनी कार्रवाई की उम्मीद जताई जा रही है।
