
रायपुर, 05 नवंबर (प्रेस ब्यूरो)। मुख्य सचिव विकासशील ने आज गुरुवार को महानदी भवन में परियोजना निर्माण एवं क्रियान्वयन समिति की महत्वपूर्ण बैठक का संचालन किया। बैठक में राज्य में प्रस्तावित विभिन्न निर्माण और विकास कार्यों की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई तथा आगामी कार्यों के लिये रूपरेखा तैयार की गई।
बैठक की शुरुआत में मुख्य सचिव विकासशील ने सभी अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा कि प्रस्तावित निर्माण कार्यों के लागत तुलनात्मक विश्लेषण में पूरी पारदर्शिता रखी जाए, जिससे प्रत्येक परियोजना का यथार्थवादी आकलन संभव हो सके। उन्होंने यह भी कहा कि आगामी बजट में शामिल किए जाने वाले महत्वपूर्ण कार्यों की समय पर पहचान कर उनकी प्रशासनिक व तकनीकी तैयारियों को पहले से सुनिश्चित किया जाना चाहिए।
विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी प्रस्तुतिकरण के माध्यम से अपने‑अपने क्षेत्रों में चल रहे एवं प्रस्तावित विकास कार्यों की प्रगति बताइ। मुख्य चर्चा में कांकेर जिला में भानुप्रतापपुर-कांकेर-पंखाजूर मार्ग पर पुल‑पुलिया सहित सड़क निर्माण, बिलासपुर में बिलासपुर-कटनी रेल मार्ग पर रेलवे ओवरब्रिज तथा बिलासपुर जिले में फ्लाईओवर ब्रिज के निर्माण कार्य शामिल थे। इसके अलावा दुर्ग एवं अन्य परिक्षेत्र में नगरी-कांकेर-भानुप्रतापपुर-मानपुर-राजनांदगांव-कवर्धा-फास्टरपुर कुंडा मार्ग तथा कुम्हारी, अहिवारा-धमधा-गंडई-साल्हेवारा मार्ग के उन्नयन एवं चौड़ीकरण कार्यों की भी विस्तृत रिपोर्ट दी गई।
बैठक में वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के अपर मुख्य सचिव मनोज कुमार पिंगुआ, वित्त विभाग के डॉ. रोहित यादव, लोक निर्माण विभाग के सचिव मुकेश कुमार, जल संसाधन विभाग के सचिव राजेश कुमार टोप्पो, योजना, आर्थिक एवं सांख्यिकी विभाग के सचिव भुवनेश यादव तथा ऊर्जा विभाग के सचिव सारांश मित्तर सहित कई विभागीय प्रमुख और वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
समिति ने सभी परियोजनाओं की समयबद्धता, लागत नियंत्रण और तकनीकी मानकों को सुदृढ़ करने के लिए अगले कदमों की रूपरेखा तैयार की और सभी संबंधित विभागों से अनुरोध किया कि वे अपने‑अपने कार्यों को शीघ्रता से निष्पादित करें।
