
डीएड अभ्यर्थियों ने अपनी नियुक्ति की मांग को लेकर शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव के बंगला का घेराव कर दिया है। रायपुर में 5 नवंबर 2026 की सुबह, सहायक शिक्षक के शेष 2,300 पद पर नियुक्ति की मांग के साथ यह आंदोलन जारी है। लंबे समय से अपनी मांगों के लिए संघर्षरत ये अभ्यर्थी, अपने बुजुर्ग माता‑पिता और परिजनों के साथ, तड़के ही मंत्री के बंगले के भीतर घुसकर परिसर में धारण पर बैठ गए।
यह अभ्यर्थी वर्ष 2023 की सहायक शिक्षक भर्ती परीक्षा के शेष 2,300 पद पर दूसरी सूची जारी करने और नियुक्ति देने के लिए 321 दिनों (लगभग 10 महीने) से नवा रायपुर के तूता धरना स्थल पर लगातार आंदोलन कर रहा है। वे कहते हैं कि वे लंबे समय से मानसिक और आर्थिक रूप से टूट चुके हैं, इसलिए इस बार उनके माता‑पिता भी इस आंदोलन में शामिल हो गए।
उनकी मुख्य मांग है कि सरकार भर्ती की निश्चित तारीख घोषित करे। उनका कहना है कि जब तक नियुक्ति की तारीख लिखित में नहीं मिल जाती, वे बंगला से नहीं हटेंगे। प्रदर्शन के दौरान गजेंद्र यादव बंगले में मौजूद नहीं थे। सूचना मिलते ही भारी संख्या में पोलिस बल तैनात कर दिया गया। पुलिसकर्मियों ने अभ्यर्थियों को धारण स्थल पर वापस जाने के लिए समझाइश दी, जिसे लेकर प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच तीखी बहस हुई।
अभ्यर्थियों का दावा है कि माननीय उच्च न्यायालय और उच्चतम न्यायालय के आदेशों के बावजूद उनकी फाइलें वित्त विभाग और शासन स्तर पर अटकी हुई हैं, जिसके कारण योग्य होने के बाद भी उन्हें नियुक्ति के लिए इस तरह भटकना पड़ रहा है।
एसडीएम सहित प्रशासनिक अधिकारी भी बंगले पहुंचे हैं। एसडीएम रवि सिंह ने बताया कि अभ्यर्थी नियम विपरीत तरीके से बंगले पहुंचे थे, जिसके बाद उन्हें हटाया गया। वे कह रहे हैं कि आगे नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
आंदोलन के दौरान अभ्यर्थी कई बार ज्ञापन सौंप चुके हैं। उन्होंने कैंडल मार्च, मौन धारण, दंडवत यात्रा और सांकेतिक प्रदर्शन जैसे अलग-अलग तरीके भी अपनाए हैं।
