
नई दिल्ली, 05 नवंबर (प्रेस ब्यूरो)। राष्ट्रीय भूमि मौद्रीकरण निगम (एनएलएमसी) ने राष्ट्रीय इस्पात निगम लिमिटेड (आरआईएनएल) के भू‑खंडों की ई‑नीलामी का दूसरा चरण सफलतापूर्वक समाप्त किया। इस चरण में 114 भूखंडों की बिक्री हुई, जिससे कुल 218 करोड़ रुपये की बोली राशि प्राप्त हुई। इन भू‑खंडों का सम्मिलित आरक्षित मूल्य 184.8 करोड़ रुपये था, जबकि सफल बोलियां औसतन 17.96 % अधिक रही।
वित्त मंत्रालय के आंकड़े दर्शाते हैं कि दूसरे चरण में सबसे अधिक सफल बोली 1,82,650 रुपये प्रति वर्ग गज रही, और किसी एक भू‑खंड के आरक्षित मूल्य पर अधिकतम प्रीमियम 67.65 % दर्ज किया गया। यह प्रतिस्पर्धी बोली प्रक्रिया और बाजार‑आधारित मूल्य निर्धारण की प्रभावशीलता को उजागर करता है।
पहले चरण में एनएलएमसी ने कुल 150 भूखंडों की नीलामी पूरी कर, 366.33 करोड़ रुपये की बोली राशि अर्जित की। उस चरण का सम्मिलित आरक्षित मूल्य 312.48 करोड़ रुपये था, और सफल बोलियां औसतन 17.23 % अधिक थीं। इस दौरान सबसे ऊँची कीमत 1.80 लाख रुपये प्रति वर्ग गज से अधिक रही।
दोनों चरणों के समापन से अब तक कुल 264 भूखंडों की सफल नीलामी संपन्न हो गई है, जिससे कुल 584.33 करोड़ रुपये की बोली राशि प्राप्त हुई, जबकि उनका संयुक्त आरक्षित मूल्य 497.29 करोड़ रुपये रहा। 12 अक्टूबर और 3 नवंबर को एक महीने के भीतर दोनों चरणों के सफल निष्पादन ने एनएलएमसी के लिए एक महत्वपूर्ण परिचालन मानक स्थापित किया है, जिससे केन्द्रीय सार्वजनिक क्षेत्र के उद्यमों (सीपीएसई) और सरकारी संस्थानों की अधिशेष भूमि व अन्य अचल परिसंपत्तियों के मौद्रीकरण में उसकी क्षमता और विश्वसनीयता सुदृढ़ हुई है।
राष्ट्रीय भूमि मौद्रीकरण निगम एक पूर्ण स्वामित्व वाली सरकारी कंपनी है, जो वित्त मंत्रालय के लोक उद्यम विभाग के प्रशासनिक नियंत्रण में कार्य करती है। यह संस्था अधिशेष भूमि, भवन व अन्य स्थायी संपत्तियों की पहचान, मूल्यांकन, तैयारियों एवं मौद्रीकरण को पारदर्शी, व्यवस्थित तथा बाजार‑उन्मुख तरीके से साकार करती है, जिससे सरकारी संपत्तियों का प्रभावी उपयोग संभव हो सके।
