
धमतरी, 04 नवंबर (हि.स.)। नारायण राव मेघावाले शासकीय कन्या महाविद्यालय में मेरा युवा भारत (माय भारत) कार्यक्रम के तहत धमतरी के तत्वावधान में बुधवार को युवा संवाद एवं जिला स्तरीय विकसित भारत युवा संसद का शुभारंभ उत्साहपूर्ण माहौल में हुआ।
कार्यक्रम की मुख्य अतिथि सांसद रूपकुमारी चौधरी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का विकसित भारत @2047 का संकल्प केवल एक लक्ष्य नहीं, बल्कि 140 करोड़ देशवासियों के सामूहिक सामर्थ्य और संकल्प का प्रतीक है। उन्हें यह भी बताना पड़ा कि इस सपने को साकार करने की सबसे बड़ी जिम्मेदारी युवाओं के कंधों पर है। युवाओं को अपनी प्रतिभा पहचानकर बड़े लक्ष्य तय करने चाहिए और व्यक्तिगत सफलता के साथ राष्ट्र की उन्नति को भी अपने जीवन का उद्देश्य बनाना चाहिए।
अध्यक्षता कर रहे महापौर रामू रोहरा ने युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि युवा केवल देश का भविष्य नहीं, बल्कि वर्तमान की सबसे बड़ी ताकत और परिवर्तन के प्रभावशाली वाहक हैं। किसी भी राष्ट्र की प्रगति उसकी युवा शक्ति के विचारों, परिश्रम, नवाचार और राष्ट्र के प्रति समर्पण से तय होती है। आज भारत विश्व पटल पर अपनी नई पहचान स्थापित कर रहा है, ऐसे में युवाओं की भूमिका और भी महत्वपूर्ण हो जाती है।

उन्होंने युवा संसद को लोकतंत्र की पाठशाला और नेतृत्व निर्माण का सशक्त मंच बताते हुए कहा कि यहां युवाओं को अपने विचार रखने, जनहित के मुद्दों पर तार्किक चर्चा करने और संसदीय परंपराओं को समझने का अवसर मिलता है। ऐसे कार्यक्रम युवाओं में नेतृत्व क्षमता, आत्मविश्वास, अनुशासन और निर्णय लेने की योग्यता विकसित करते हैं। लोकतंत्र की मजबूती के लिए जागरूक, जिम्मेदार और कर्तव्यनिष्ठ युवा पीढ़ी का आगे आना आवश्यक है।
उन्होंने यह भी जोड़ा कि भारतीय युवा शिक्षा, विज्ञान, तकनीक, खेल, कृषि, स्टार्टअप और उद्यमिता सहित प्रत्येक क्षेत्र में नए कीर्तिमान स्थापित करने की क्षमता रखते हैं। जरूरत है कि युवा अपनी ऊर्जा को सकारात्मक दिशा दें, नशे और नकारात्मकता से दूर रहें तथा समाज में जागरूकता, सामाजिक समरसता और राष्ट्रप्रेम की भावना को मजबूत करें।
महापौर ने मेरा युवा भारत पहल की सराहना करते हुए कहा कि युवाओं को अपनी बात रखने और देश के भविष्य से जुड़े विषयों पर चिंतन करने का अवसर देना सराहनीय प्रयास है। जब युवा विचारशील बनेंगे, अपनी जिम्मेदारियों को समझेंगे और राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखेंगे, तभी देश विकास की नई ऊंचाइयों को छुएगा। कार्यक्रम में पिछड़ा वर्ग आयोग के अध्यक्ष नेहरू को अतिथि के रूप में भी उपस्थित देखा गया।
