
रायपुर, 05 नवंबर (प्रेस ब्यूरो)। आज महानदी भवन में आयोजित उच्चस्तरीय बैठक का मुख्य उद्देश्य छत्तीसगढ़ को राष्ट्रीय स्तर पर प्रमुख और लोकप्रिय फिल्म शूटिंग स्थल के रूप में स्थापित करना था। बैठक का संचालन मुख्य सचिव विकासशील ने किया। उन्होंने बताया कि राज्य में सिनेमैटिक और प्राकृतिक दृश्यों की असीम संभावनाएँ मौजूद हैं। इसलिए यह अनिवार्य है कि छत्तीसगढ़ के अनछुए प्राकृतिक सौंदर्य, समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और विविध पर्यटन स्थलों को देश-विदेश के फिल्म निर्माताओं के समक्ष प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया जाए।
सचिव ने संबंधित अधिकारियों से निर्देश दिए कि पूरे प्रदेश में फिल्म शूटिंग के लिए उपयुक्त और संभावनाशील नए स्थलों की पहचान कर उन्हें शीघ्रता से विकसित और प्रोत्साहित किया जाए। इसी के साथ राज्य की मौजूदा फिल्म नीति को और अधिक व्यावहारिक व प्रभावी बनाने पर भी चर्चा हुई। बैठक में बहुप्रतीक्षित चित्रोत्पला फिल्म सिटी के प्रस्ताव और उसकी संभावनाओं को मूर्त रूप देने के लिए गहन मंथन भी हुआ।
सचिव ने इस बात पर जोर दिया कि फिल्म निर्माण गतिविधियों के बढ़ने से न केवल पर्यटन क्षेत्र को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि यह प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से स्थानीय कलाकारों, तकनीशियनों, होटल उद्योग और युवाओं के लिए रोजगार के नए और सुनहरे अवसर सृजित करेगा। बैठक में निफ्टेम (छप्थ्ज्म्ड) के प्रस्तावित भ्रमण तथा खाद्य प्रसंस्करण के क्षेत्र में तकनीकी सुविधाओं और प्रशिक्षण के विस्तार को लेकर भी महत्वपूर्ण बिंदुओं पर चर्चा की गई।
इस उच्चस्तरीय बैठक में सामान्य प्रशासन विभाग के सचिव रजत कुमार, लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के सचिव अमित कटारिया, पर्यटन एवं संस्कृति विभाग के सचिव डॉ. एस. भारतीदासन, छत्तीसगढ़ राज्य लघु वनोपज सहकारी संघ की प्रबंध संचालक संजीता गुप्ता तथा वाणिज्य एवं उद्योग विभाग की उप सचिव आकांक्षा शिक्षा खलखो सहित कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
