
नई दिल्ली, 05 नवंबर (प्रेस ब्यूरो)। केंद्र सरकार ने नई दिल्ली, 04 नवंबर (हि.स.) को आयोजित मंत्रिमंडल की बैठक में विकसित भारत सांख्यिकी रूपांतरण, विश्लेषण एवं अनुसंधान पहल (विस्तार) योजना को स्वीकृति दी। इस योजना के तहत 4,371.10 करोड़ रुपये का निवेश किया जाएगा, जो 2026-27 से 2030-31 तक की अवधि के लिए प्रस्तावित है।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में हुए इस निर्णय के दौरान सूचना एवं प्रसारण मंत्री अश्वनी वैष्णव ने राष्ट्रीय मीडिया केंद्र में पत्रकार वार्ता में योजना की मुख्य बिंदुओं का उल्लेख किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह पहल भारत के आधिकारिक सांख्यिकी तंत्र को बदलने के उद्देश्य से तैयार की गई है, ताकि आंकड़ों को रियल‑टाइम में एकत्रित और अद्यतन किया जा सके।
योजना के तीन प्रमुख स्तंभ हैं – व्यापक सांख्यिकीय व्यवस्था, संचालन एवं सुदृढ़ीकरण और इकोसिस्टम का विकास। इस ढांचे के अंतर्गत सहयोग और आर्थिक जनगणना पर विशेष ध्यान दिया जाएगा, जिससे डेटा के बीच बेहतर तालमेल और एआई के उपयोग के लिए अनुकूल डेटा सेट तैयार किये जा सकें।
मंत्री ने जोर देकर कहा कि यह परिवर्तन सांख्यिकीय ढांचे की गति और विश्वसनीयता दोनों को बढ़ाने के लिये अनिवार्य है। इसके अतिरिक्त, योजना से विभिन्न स्रोतों से प्राप्त आंकड़ों की समन्वयित उपलब्धता में वृद्धि होगी, जिससे नीति निर्धारण और विकास कार्यक्रमों में तेज़ी और सटीकता आएगी। इस प्रकार, सरकार द्वारा यह कदम भारत को डेटा‑चालित निर्णय‑निर्माण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम के रूप में माना जा रहा है।
