
नई दिल्ली, 04 नवंबर (प्रेस ब्यूरो)। न्याय विभाग, जो ई‑कोर्ट मिशन मोड परियोजना के अंतर्गत कार्य करता है, बुधवार को विज्ञान भवन में “ई‑फाइलिंग 3.0: प्रक्रिया से व्यवहार तक” विषय पर एक महत्वपूर्ण राष्ट्रीय कार्यशाला आयोजित करेगा। इस सत्र में अर्जुन राम मेघवाल केंद्रीय विधि एवं न्याय राज्य मंत्री मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगे। साथ ही उच्चतम न्यायालय की ई‑समिति के सदस्य भी कार्यशाला में भाग लेंगे।
कार्यशाला का प्राथमिक उद्देश्य सरकारी अधिकारियों को ई‑फाइलिंग 3.0 प्लेटफ़ॉर्म की कार्यप्रणाली, विशेषताएँ और उपयोग के विस्तृत पहलुओं से परिचित कराना है। कार्यक्रम के दौरान राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र (एनआईसी) की ओर से तकनीकी सत्र आयोजित किए जाएंगे, जिनमें ई‑कोर्ट संचालन, ई‑कोर्ट सिंगल साइन‑ऑन (एसएसओ), ई‑कोर्ट सर्विसेज मोबाइल ऐप तथा ई‑फाइलिंग 3.0 की प्रमुख विशेषताओं पर विस्तृत जानकारी दी जाएगी। इसके अतिरिक्त, सरकारी अधिवक्ताओं और विभिन्न विभागों के प्रतिनिधियों के साथ खुली चर्चा सत्र भी रखा गया है, जिसमें उपलब्ध सुविधाओं और उनके व्यावहारिक उपयोग पर विचार‑विमर्श किया जाएगा।
परियोजना के तीसरे चरण (फेज‑III) का मुख्य लक्ष्य न्यायालयों को प्रारम्भ से अन्त तक डिजिटल बनाना और नागरिकों को सुलभ ई‑सेवाएँ प्रदान करना है। देश के अदालतों में मुकदमेबाजी में मंत्रालय, विभाग, सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम (पीएसयू) और स्वायत्त निकायों की बड़ी हिस्सेदारी है; इन संस्थानों द्वारा ई‑फाइलिंग को अपनाने से न केवल कार्यक्षमता में उल्लेखनीय सुधार होगा बल्कि कागजी प्रक्रिया पर निर्भरता भी कम होगी।
मंत्रालय ने कहा कि यह कार्यशाला केंद्र सरकार की प्रतिबद्धता का स्पष्ट उदाहरण है, जिसका लक्ष्य एक डिजिटल, कागज‑रहित और नागरिक‑केंद्रित न्याय वितरण प्रणाली स्थापित करना तथा न्यायिक प्रक्रियाओं में प्रौद्योगिकी के उपयोग को संस्थागत बनाना है।
