
पुणे, 04 नवंबर (प्रेस ब्यूरो)। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मंगलवार को 21,800 करोड़ रुपये के निवेश वाली पुणे मेट्रो परियोजनाओं का वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से उद्घाटन एवं शिलान्यास किया। 8,300 करोड़ रुपये से अधिक की लागत पर 23 किलोमीटर लंबी पिंक लाइन का शिलान्यास और 13,500 करोड़ रुपये के अनुमानित बजट पर दूसरे चरण की चार नई लाइनों का शिलान्यास किया गया।
प्रधानमंत्री ने कहा कि पुणे मेट्रो का विस्तार शहर के विकास को नई गति देगा और लोगों के जीवन को आसान बनाएगा। उन्होंने यह भी बताया कि हिंजवड़ी‑शिवाजी नगर के बीच मेट्रो संपर्क स्थापित होने से पुणे के आईटी केंद्र को बेहतर कनेक्टिविटी मिलेगी। नई लाइनों से शहर के पुराने और नए इलाकों के बीच संपर्क और मजबूत होगा।
उन्होंने जोर देकर कहा कि किसी शहर की पहचान केवल उसके उद्योग या खानपान से नहीं, बल्कि उसके प्रतिस्पर्धा और लोगों के लिए जीवन को आसान बनाने की क्षमता से होती है। मेट्रो परियोजनाएँ इन दोनों मानदंडों पर शहर को बेहतर बनाती हैं। पुणे मेट्रो के विस्तार से लोगों का समय बचेगा और बेहतर आवागमन सुविधाएँ मिलेंगी, जिससे उत्पादकता बढ़ेगी और अर्थव्यवस्था को गति मिलेगी।
प्रधानमंत्री ने याद दिलाया कि भारत में पहली मेट्रो 1984 में चली थी, लेकिन 30 वर्षों में केवल 248 किलोमीटर मेट्रो लाइन बन सकी। 2014 तक देश के केवल पाँच शहरों में मेट्रो उपलब्ध थी। उन्होंने कहा कि यदि पुरानी सोच जारी रहती तो पुणे में मेट्रो आने में कई दशक लगते।
उन्होंने बताया कि 2014 में राष्ट्रीय जनतंत्र गठबंधन के बाद मध्यम वर्ग के जीवन को आसान बनाने का संकल्प लिया गया और 12 वर्षों में मेट्रो नेटवर्क 1,200 किलोमीटर तक बढ़ गया। अब 26 शहरों में मेट्रो सेवा उपलब्ध है, और रोज़ाना एक करोड़ से अधिक लोग मेट्रो का उपयोग करते हैं, जिससे भारत का मेट्रो नेटवर्क दुनिया के शीर्ष तीन में शामिल हो गया।
महाराष्ट्र में 2014 में केवल 101 किलोमीटर मेट्रो लाइन थी, अब यह लगभग 200 किलोमीटर है और 680 किलोमीटर से अधिक लाइनें निर्माणाधीन हैं। राज्य में मेट्रो बुनियादी ढाँचे पर 2.5 लाख करोड़ रुपये से अधिक का निवेश हो रहा है, जिससे श्रमिकों, इंजीनियरों और व्यापारियों के लिए रोजगार के अवसर पैदा हो रहे हैं।
पुणे मेट्रो सार्वजनिक‑निजी भागीदारी (पीपीपी) मॉडल पर चल रही है, जिसे प्रधानमंत्री ने देश के प्रगति के उदाहरण के रूप में सराहा। उन्होंने ग्रामीण सड़कों, राजमार्गों, एक्सप्रेसवे, रेलवे विद्युतीकरण, सुरंगों और पुलों में भी बड़े निवेश की बात की।
प्रधानमंत्री ने 25 वर्ष पूर्ण किये और गरीबी उन्मूलन तथा किसानों के लिए जल संरक्षण पर ज़ोर दिया। उन्होंने किसानों के प्रति सहानुभूति जताई और सभी को एकजुट प्रयास के माध्यम से विकसित भारत की प्राणवायु बनाने के लिए प्रेरित किया।
