
अमरावती, 04 नवंबर (प्रेस ब्यूरो)। चक्रवाती तूफान मुरासु ने मंगलवार तड़के दक्षिण आंध्र प्रदेश के तट पर दस्तक दी। ओंगोल के निकट लैंडफॉल की प्रक्रिया 03:30 से 05:30 बजे के बीच पूरी हो गई। उसी अंतराल में तूफान की गति तेज रही और हवा की रफ्तार 100 से 110 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुँच गई, जबकि कुछ स्थानों पर अधिकतम गति 120 किलोमीटर प्रति घंटे दर्ज की गई।
भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के अनुसार, लैंडफॉल के बाद मुरासु उत्तर‑उत्तर‑पश्चिम दिशा में आगे बढ़ता रहेगा। मंगलवार दोपहर तक इसका कमजोर होकर चक्रवाती तूफान में तब्दील होना अपेक्षित है, जहाँ हवा की गति 80–90 किलोमीटर प्रति घंटे रहने की संभावना है और झोंकों की रफ्तार 100 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुँच सकती है। विभाग का अनुमान है कि मंगलवार आधी रात तक तूफान और भी कमजोर होकर गहरे दबाव के क्षेत्र में बदल सकता है।
लैंडफॉल के दौरान प्रकाशम जिले के कोथापटनम बीच पर तेज हवाओं के साथ भारी बारिश हुई। राज्य के अन्य हिस्सों में भी बारिश का दौर जारी रहा। एनटीआर जिले के कलेक्टर जी. लक्ष्मीशा ने बताया कि जिले में स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है और अब तक किसी अप्रिय घटना या बड़े व्यवधान की सूचना नहीं मिली है। प्रशासन स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है।
आईएमडी ने एक्स पर पोस्ट में बताया कि मुरासु ने मंगलवार सुबह 3:30 से 5:30 बजे के बीच लगभग 15.53 डिग्री उत्तरी अक्षांश और 80.22 डिग्री पूर्वी देशांतर के पास दक्षिण आंध्र प्रदेश के तट को पार किया।
रियल टाइम गवर्नेंस सोसाइटी और आंध्र प्रदेश राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की ओर से तीन नवंबर को जारी अपडेट के अनुसार, तूफान पिछले छह घंटों में 9 किलोमीटर प्रति घंटे की औसत गति से आगे बढ़ रहा था। एडवाइजरी जारी होने के समय इसका केंद्र ओंगोल से 20 किलोमीटर, बापटला से 60 किलोमीटर, कावली से 70 किलोमीटर, नेल्लोर से 110 किलोमीटर और मछलीपट्टनम से 130 किलोमीटर दूर स्थित था।
प्रशासन ने स्पष्ट किया कि तट पार करने के बाद भी खतरा पूरी तरह टला नहीं है। तेज हवाओं और भारी बारिश का असर राज्य के कई हिस्सों में जारी रह सकता है, इसलिए लोगों को बिजली के खंभों, पेड़ों और कमजोर संरचनाओं से दूर रहने तथा जारी दिशा‑निर्देशों का पालन करने की सलाह दी गई है।
