
अमरावती, 04 नवंबर (प्रेस ब्यूरो)। तीव्र चक्रवात ‘मुरासु’ ने आज सुबह तटीय आंध्र प्रदेश के कई क्षेत्रों में व्यापक तबाही फैलाई। हवा की तेज़ी से हजारों पेड़ उखड़ गए, सैकड़ों बिजली के खंभे टूटे और मछली पकड़ने वाली कई नावें ध्वस्त हो गईं। केंद्र के गृह एवं सहकारितामंत्री अमित शाह ने तत्काल एन. चंद्रबाबू नायडू को फोन कर आपदा की स्थिति, हुए नुकसान और राहत कार्यों की प्रगति के बारे में जानकारी ली।
मुख्यमंत्री नायडू ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि चक्रवात प्रभावित क्षेत्रों में नागरिकों को सड़कों पर न निकलने का आश्वासन दिया जाए और सभी आवश्यक एहतियात बरतें, जिससे जान‑माल दोनों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके। पुलिस कर्मी गश्त कर रहे हैं और लोगों से घरों के अंदर रह कर चक्रवात ‘मुरासु’ को देखने से बचने की अपील कर रहे हैं।
बापटला और प्रकाशम सहित कई जिलों में भारी बारिश हुई, जिससे फसलों को गंभीर नुकसान पहुंचा और कई इलाकों में जलभराव हुआ। टेली‑कॉन्फ्रेंस के दौरान मुख्यमंत्री ने बिजली के खंभों और सब‑स्टेशनों की स्थिति पर विस्तृत जानकारी प्राप्त की। विशेष रूप से प्रकाशम जिले के ओंगोल में तेज़ हवाओं और तीव्र बारिश के कारण कई कच्चे घर ढह गए, जिससे कई लोग फँस गए। जिला प्रशासन ने तुरंत बचाव अभियान शुरू कर फँसे लोगों को सुरक्षित निकालना शुरू किया।
ओंगोल में स्थित प्रकाशम जिला कलेक्ट्रेट परिसर के ‘आंध्र केसरी’ तंगुतुरी प्रकाशम पंतुलु की प्रतिमा के पास एक बड़ा पेड़ गिर कर प्रतिमा को तोड़ दिया। इस दौरान केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने नायडू से विस्तृत ब्योरा मांगा। नायडू ने पहले आए चक्रवात ‘अर्नब’ और ‘मुरासु’ से उत्पन्न स्थितियों, फसल एवं संपत्ति के नुकसान का विस्तृत सारांश प्रस्तुत किया और केंद्र से सहायता टीम भेजने के लिए मोदी सरकार का आभार व्यक्त किया। उन्होंने पुनर्वास के लिए अतिरिक्त केंद्रीय सहायता की भी मांग की।
