
नई दिल्ली, 04 नवंबर (प्रेस ब्यूरो)। केंद्र सरकार ने 90 साल पुराने विमान अधिनियम-1934 के स्थान पर भारतीय वायुयान नियम-2026 को आधिकारिक रूप से अधिसूचित कर दिया है। यह नया नियम समूह 1 जनवरी 2027 से पूरे भारत में लागू होगा और इससे पहले के विमान नियम, 1937 को प्रतिस्थापित करेगा।
अधिसूचना के अनुसार, अब सभी एयरलाइन कंपनियों को टिकट बुक करते समय किराया और संबंधित सभी शुल्कों का विस्तृत विवरण देना अनिवार्य होगा। इस विवरण में कुल राशि के साथ‑साथ किराया, टैक्स, फीस, कैंसिलेशन चार्ज और रिफंड की शर्तें भी अलग‑अलग उल्लेखित करनी होंगी। यह जानकारी बुकिंग वेबसाइट तथा जारी किए गए टिकट दोनों पर उपलब्ध करानी होगी।
इन नियमों की निगरानी नागर विमानन महानिदेशालय (डीजीसीए) करेगा और एयरलाइन द्वारा निर्धारित किराया संरचना की जांच करेगा। इसके अतिरिक्त, नागर विमानन मंत्रालय को किसी ‘असाधारण स्थिति’ में हवाई किराए के मुद्दों में हस्तक्षेप करने का अधिकार दिया गया है। हालांकि, अधिसूचना में यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि किन परिस्थितियों को ‘असाधारण स्थिति’ माना जाएगा। नियमों के अनुसार, यदि केंद्र सरकार को असाधारण स्थिति का आकलन होता है, तो वह जनहित में आवश्यक एवं उचित समझे जाने वाले निर्देश लिखित आदेश के माध्यम से जारी कर सकती है।
इन सभी प्रावधानों को भारतीय वायुयान विधेयक-2024 के तहत तैयार किया गया है, जो 90 साल पुराने मौजूदा कानूनी ढाँचे को प्रतिस्थापित करता है। यह कदम हवाई यात्रा के पारदर्शिता को बढ़ाने और यात्रियों के अधिकारों की रक्षा करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण सुधार माना जा रहा है।
