
नई दिल्ली, 04 नवंबर (प्रेस ब्यूरो)। भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (ट्राई) ने मंगलवार को दूरसंचार इंटरकनेक्शन (तीसरा संशोधन) विनियम, 2026 जारी किया। ये नए नियम 1 जनवरी 2027 से प्रभावी होंगे। संशोधन के तहत दूरसंचार नेटवर्क के बीच कनेक्टिविटी की व्यवस्था को आधुनिक बनाया जाएगा, आईपी आधारित इंटरकनेक्शन को बढ़ावा दिया जाएगा और सेवा प्रदाताओं के बीच यातायात के आदान-प्रदान को अधिक प्रभावी बनाया जाएगा। ट्राई के अनुसार दूरसंचार इंटरकनेक्शन के तहत दो या अधिक दूरसंचार नेटवर्क को तकनीकी, परिचालन और वाणिज्यिक व्यवस्थाओं के माध्यम से जोड़ा जाता है, जिससे अलग-अलग सेवा प्रदाताओं के उपभोक्ता एक-दूसरे से निर्बाध रूप से संपर्क कर पाते हैं।
मौजूदा नियमों की समीक्षा के लिए ट्राई ने 3 अप्रैल 2025 को पूर्व-परामर्श पत्र जारी किया था। इसके बाद 10 नवंबर 2025 को परामर्श पत्र जारी कर हितधारकों से सुझाव मांगे गए। इस प्रक्रिया में 17 हितधारकों ने अपनी टिप्पणियां और नौ ने उन पर जवाबी टिप्पणियां दीं। परामर्श प्रक्रिया के तहत 28 जनवरी 2026 को खुली चर्चा भी आयोजित की गई। प्राप्त सुझावों और उनके विश्लेषण के आधार पर नए संशोधन नियमों को अंतिम रूप दिया गया है।
संशोधन के तहत अब सेवा प्रदाता आपसी सहमति से दूरसंचार यातायात के आदान-प्रदान के स्थान तय कर सकेंगे। मौजूदा व्यवस्था में लंबी दूरी के चार्जिंग क्षेत्र (एलडीसीए) और छोटी दूरी के चार्जिंग क्षेत्र (एसडीसीए) के स्तर पर इंटरकनेक्शन होता है, जिसे चरणबद्ध तरीके से लाइसेंस प्राप्त सेवा क्षेत्र (एलएसए) के स्तर पर स्थानांतरित
