
कोलकाता, 26 अक्टूबर (हिन्दुस्तान)। केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने सोमवार को कहा कि पिछले कुछ हफ़्तों में पश्चिम बंगाल में रेल व मेट्रो परियोजनाओं को नई रफ़्तार मिली है। उन्होंने संतरागाछी‑जयपुर एक्सप्रेस को वर्चुअल रूप में हरी झंडी दिखाते हुए प्रस्थान किया, जबकि इस अवसर पर शुभेंदु अधिकारी मुख्यमंत्री हावड़ा जिले के संतरागाछी स्टेशन पर उपस्थित थे। मंत्री ने स्पष्ट किया कि नई राज्य सरकार के आगमन के बाद कई महत्त्वपूर्ण रेल‑इन्फ्रास्ट्रक्चर कार्य तेज़ी से आगे बढ़ रहे हैं, जिसमें कोलकाता में बेलघाटा‑सेक्टर फाइव मेट्रो ट्रैक का निर्माण कार्य समाप्ति के कगार पर है।
कोलकाता मेट्रो की प्रगति पर चर्चा करते हुए वैष्णव ने बताया कि नई सरकार ने सत्ता में आने के मात्र १७ दिनों में ईस्टर्न मेट्रोपॉलिटन (ईएम) बाईपास पर चिंगरीघाटा क्रॉसिंग के पास मेट्रो कार्य के लिए आवश्यक मंजूरी दे दी थी। मेट्रो अधिकारियों के अनुसार, न्यू गरिया‑सेक्टर फाइव लाइन के लिए ३६६ मीटर की महत्वपूर्ण लिंक का काम पूरा हो चुका है और परीक्षण चालू है। इस लिंक का व्यावसायिक संचालन इस वर्ष दिसंबर तक शुरू होने की संभावना है, और परीक्षण एवं प्रमाणन समाप्त होते ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से इसका उद्घाटन करवाने का अनुरोध किया जाएगा।
रेलवे नेटवर्क को सुदृढ़ करने हेतु जमशेदपुर‑हावड़ा और हावड़ा‑मुंबई लाइनों को चार‑ट्रैक में अपग्रेड करने की प्रक्रिया भी चल रही है। कार्यक्रम के दौरान वैष्णव ने पड़ोसी राज्य झारखंड के विकास कार्यों पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि पिछले सरकारों के दौर में झारखंड के साथ सौतेला व्यवहार हुआ था, लेकिन अब प्रधानमंत्री के नेतृत्व में रेल बजट में १६ गुना वृद्धि हुई, जो ४५० करोड़ रुपये से बढ़कर वार्षिक ७,५०० करोड़ रुपये हो गया है। वर्तमान में झारखंड में कुल ७५,००० करोड़ रुपये की रेल परियोजनाएँ चल रही हैं। अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत पूरे देश में १,३०० छोटे स्टेशनों को अपग्रेड किया जा रहा है, जिनमें झारखंड के ५७ स्टेशन शामिल हैं; टाटानगर, गोविंदपुर, लोहरदगा, मधुपुर, मुरी और रामगढ़ कैंट जैसे स्टेशन पहले ही आधुनिकीकरण कर चुके हैं, जबकि पश्चिम बंगाल के कई स्टेशन भी इसी प्रक्रिया में हैं।
संतरागाछी‑जयपुर एक्सप्रेस के संदर्भ में वैष्णव ने बताया कि इस सेवा की मांग ३०‑३५ साल पुरानी थी, लेकिन जयपुर के खातीपुरा में क्षमता विस्तार के बाद ही इसे शुरू किया जा सका। यह ट्रेन कोलकाता, खड़गपुर, टाटानगर और सासाराम जैसे पूर्वी भारत के प्रमुख शहरों को जोड़ती होगी। अंत में मंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार का मुख्य ध्यान मध्यम वर्ग और निम्न‑आय वर्ग की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए रेलवे पारिस्थितिकी तंत्र को विकसित करने पर है।
