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कुकू टीवी पर मनोरंजन का नया डोज, पांच माइक्रोड्रामा में मिलेंगे अलग-अलग जॉनर

शी रिफ्यूज़्ड द डॉन - फोटो सोर्स एक्स

डिजिटल एंटरटेनमेंट की दुनिया में माइक्रोड्रामा तेजी से दर्शकों के बीच अपनी जगह बना रहे हैं। इसी कड़ी में कुकू टीवी पांच नए माइक्रोड्रामा पेश करने जा रहा है, जिनमें पौराणिक व्यंग्य, गैंगस्टर रोमांस, कैंपस पॉलिटिकल थ्रिलर, माफिया रोमांस और मिलिट्री एक्शन जैसे अलग-अलग जॉनर देखने को मिलेंगे। इन कहानियों में मनोरंजन के साथ रिश्तों, महत्वाकांक्षा, सत्ता, पहचान और परिवार जैसे विषयों को भी दिलचस्प अंदाज में पेश किया गया है।

मुंबई के खौफनाक गैंगस्टर रघु भाई की जिंदगी उस वक्त बदल जाती है, जब नयनतारा उसकी जान बचाती है, बिना यह जाने कि वह कौन है। रघु को उससे प्यार हो जाता है, लेकिन नयनतारा अपने प्रेमी के प्रति वफादार रहते हुए उसके प्यार को ठुकरा देती है। धोखे के बाद जब नयनतारा जबरन शादी के जाल में फंस जाती है, तो रघु उसे बचाने के लिए सामने आता है। अब उसके सामने दुश्मनों से लड़ने से भी बड़ी चुनौती है, उस महिला का भरोसा जीतना, जो उससे कभी डरी ही नहीं।

3. ‘मैं भी बुद्धू’

बौधायन ‘बुद्धू’ मिश्रा कॉलेज में एक भोले-भाले छात्र के तौर पर कदम रखता है। लेकिन कैंपस के दबंग नेता के हाथों अपनी प्रेमिका को खोने के बाद उसकी जिंदगी पूरी तरह बदल जाती है। कॉलेज की राजनीति में उतरते हुए बुद्धू को चुनावी धांधली, रैगिंग, आर्थिक भ्रष्टाचार और सत्ता के खेल की सच्चाई दिखाई देने लगती है। एक अप्रत्याशित साथी के साथ वह उस व्यवस्था के खिलाफ खड़ा होने का फैसला करता है, जिसने उसे हमेशा कमजोर और नासमझ समझा।खुशी एक गुप्त मिशन के तहत राणा हवेली में पहुंचती है, लेकिन जल्द ही खुद को डबल-हीस्ट और खतरनाक माफिया बॉस यश के बीच उलझा हुआ पाती है। यश के पास दौलत, ताकत और एक बड़ा साम्राज्य है, लेकिन खुशी उसे भी किसी आम इंसान की तरह ट्रीट करने से नहीं डरती। दोनों के इरादे और रास्ते लगातार टकराते हैं। इसी दौरान खुशी की बेबाकी यश के उस संवेदनशील और जख्मी पक्ष तक पहुंचने लगती है, जिसे उसने पूरी दुनिया से छिपाकर रखा है।

5. ‘द शैडो कमांडर इज़ अ टैक्सी ड्राइवर’

शैली: मिलिट्री एक्शन | पारिवारिक ड्रामा

अपने बेटे को शांत और सामान्य जिंदगी देने के लिए सजायाफ्ता सैन्य अधिकारी समर प्रताप सिंह अपनी पहचान और गौरवशाली अतीत पीछे छोड़ देता है और दिल्ली में टैक्सी चलाने लगता है। वर्षों बाद उसका बेटा खुद सैन्य अधिकारी बन जाता है और अपने पिता को एक असफल एवं साधारण इंसान समझता है। लेकिन जब परिवार के सामने एक बड़ा खतरा खड़ा होता है, तब समर के भीतर छिपा पुराना योद्धा फिर जाग उठता है। इसके बाद उसके परिवार को उस टैक्सी ड्राइवर की असली पहचान का सामना करना पड़ता है, जिसे उन्होंने कभी समझने की कोशिश ही नहीं की थी।

इन पांचों माइक्रोड्रामाओं के जरिए कुकू टीवी मनोरंजन के अलग-अलग रंगों को सामने लाने की कोशिश कर रहा है। जहां ‘भगवान गोज़ वायरल’ मौजूदा डिजिटल संस्कृति पर व्यंग्य करता है, वहीं ‘शी रिफ्यूज़्ड द डॉन’ और ‘प्रिटी थीफ लवर ऑफ द माफिया बॉस’ में रोमांस और अपराध का मेल देखने को मिलेगा। ‘मैं भी बुद्धू’ कैंपस की राजनीति और व्यवस्था के खिलाफ एक आम छात्र की लड़ाई दिखाएगा, जबकि ‘द शैडो कमांडर इज़ अ टैक्सी ड्राइवर’ एक पिता-पुत्र के रिश्ते के साथ एक्शन और रहस्य को जोड़ता है।–

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