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18.20 लाख में ट्रांसफर कराने मामले में कटनी की सीएसपी नेहा पच्चीसिया सस्पेंड, ऑफिस सीज

कटनी। कटनी की नगर पुलिस अधीक्षक नेहा पच्चीसिया की मुश्किलें बढ़ गई हैं। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कटनी की नगर पुलिस अधीक्षक (CSP) नेहा पच्चीसिया को तत्काल सस्पेंड करने के आदेश दिए हैं। कार्रवाई के बाद पुलिस मुख्यालय (PHQ) के निर्देश पर कटनी स्थित CSP कार्यालय भी सीज कर दिया गया है।

सीएम ऑफिस के आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल से इसकी जानकारी दी गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि कानून-व्यवस्था और पुलिस प्रशासन से जुड़े मामलों में लापरवाही, दबाव या पद का दुरुपयोग बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने वरिष्ठ अधिकारियों को मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए।

जमीन सौदे से जुड़े मामले में भोपाल सतर्कता शाखा की शिकायत और जबलपुर जोन के वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश के बाद कुठला थाने में सीएसपी समेत अन्य लोगों के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया गया है।

पुलिस अधीक्षक अभिनव विश्वकर्मा ने शुक्रवार को प्रकरण दर्ज होने की पुष्टि की है। मामले में धोखाधड़ी, पद के कथित दुरुपयोग, दबाव बनाने और आपराधिक सांठगांठ से जुड़ी धाराएं लगाई गई हैं।

मामला कुठला थाना क्षेत्र की खसरा क्रमांक 2618/1 की जमीन के कथित कम कीमत पर कराए गए सौदे से जुड़ा है। विभागीय जांच के अनुसार सरकारी गाइडलाइन में इस भूमि की कीमत 82 लाख 86 हजार 930 रुपये निर्धारित थी, जबकि इसकी रजिस्ट्री महज 18 लाख 20 हजार रुपये में कराए जाने की बात सामने आई है। दस्तावेजों में 15 लाख रुपये का भुगतान चेक से और 3 लाख 20 हजार रुपये नकद दर्शाया गया है।

रजिस्ट्री के दिन खाते में आए 15 लाख रुपये
जबलपुर की अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अनु बेनीवाल की जांच में जमीन सौदे से जुड़े बैंक खातों और लेन-देन की पड़ताल की गई। जांच के अनुसार जमीन के दस्तावेजों में मारूफ अहमद हनफी को खरीदार बताया गया, लेकिन उसके बैंक खाते में जमीन खरीदने के लिए पर्याप्त राशि नहीं थी।

जांच में सामने आया कि 11 जुलाई 2025 को मारूफ के खाते में केवल 3,036 रुपये तथा 1 जुलाई 2026 को 1 लाख 61 हजार 516 रुपये जमा थे। वहीं, 15 अप्रैल 2026 को रजिस्ट्री के दिन उसके खाते में अचानक 15 लाख रुपये जमा किए गए। जांच रिपोर्ट के मुताबिक इसमें 10 लाख रुपये ‘शाइन पार्टनर्स’ और 5 लाख रुपये क्षितिज राज बारापात्रे के खाते से भेजे गए थे।

जांच में यह तथ्य भी सामने आया कि ‘शाइन पार्टनर्स’ और क्षितिज राज बारापात्रे के बैंक खातों में एक ही पैन नंबर दर्ज है। रिपोर्ट में क्षितिज राज बारापात्रे को सीएसपी नेहा पच्चीसिया का करीबी, संबंधी अथवा व्यावसायिक साझेदार बताए जाने की बात सामने आई है। हालांकि, इन आरोपों की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।

पीड़ित परिवार ने लगाए दबाव और धमकी के आरोप

मामले में जमीन के मूल मालिक रमेश लोधी के परिवार ने भी गंभीर आरोप लगाए हैं। उनके बेटे आकाश लोधी का कहना है कि जेल में रहने के दौरान उनके पिता की जमीन की रजिस्ट्री और नामांतरण कराया गया। इसे निरस्त कराने के लिए आवेदन देने के बाद परिवार पर कथित रूप से दबाव बनाया गया और धमकियां दी गईं।

परिवार का आरोप है कि जमीन का सौदा कम कीमत पर कराने के लिए दबाव बनाया गया। साथ ही रमेश लोधी और उनके दामाद को हत्या के मामले में आरोपी बनाकर जेल भेजे जाने का भी आरोप लगाया गया है। इन आरोपों की भी पुलिस जांच कर रही है।

सीएसपी के खिलाफ पहले भी हो चुकी है कार्रवाई
नेहा पच्चीसिया के कार्यकाल को लेकर इससे पहले भी शिकायतें सामने आ चुकी हैं। जुलाई में वाहन जांच के दौरान एक ट्रांसपोर्टर से 30 हजार रुपये की कथित अवैध मांग का मामला सामने आया था। इसके बाद उनके सरकारी चालक को निलंबित किए जाने और सीएसपी से तीन थानों का प्रभार वापस लिए जाने की जानकारी सामने आई थी।

वहीं, कुठला थाने में दर्ज एक हत्या के मामले में निर्धारित समय सीमा में न्यायालय में चालान पेश नहीं किए जाने के कारण मुख्य आरोपित को डिफॉल्ट जमानत मिलने के मामले में भी वरिष्ठ अधिकारियों ने नाराजगी जताई थी।

वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर दर्ज हुआ प्रकरण

जमीन सौदे से संबंधित शिकायत पहले भोपाल स्थित सतर्कता शाखा पहुंची थी। इसके बाद मामले को जबलपुर जोन भेजा गया। एडीजीपी/आईजीपी जबलपुर के निर्देश पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अनु बेनीवाल ने बैंक खातों, दस्तावेजों और लेन-देन की विस्तृत जांच कर रिपोर्ट प्रस्तुत की।

बताया गया है कि 18 अगस्त 2026 को जबलपुर जोन कार्यालय ने कटनी पुलिस अधीक्षक को वैधानिक कार्रवाई के निर्देश दिए थे। इसके बाद कुठला थाने में प्रकरण क्रमांक 0738/2026 दर्ज किए जाने की जानकारी सामने आई है। मामले में भारतीय न्याय संहिता की धाराओं 61, 198, 199(बी), 308(7) और 318(4) के तहत कार्रवाई की गई है।

एफआईआर दर्ज होने के बाद पुलिस अब जमीन के दस्तावेजों, रजिस्ट्री में हुए भुगतान, बैंक खातों के लेन-देन, संबंधित व्यक्तियों के बीच संबंध और पूरे मामले में आरोपितों की भूमिका की जांच करेगी। जांच के दौरान सामने आने वाले साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।
मुख्‍यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कानून से ऊपर कोई नहीं है…
कटनी में सामने आए गंभीर प्रकरण में सीएसपी के विरुद्ध FIR दर्ज होने के बाद मैंने मुख्य सचिव को संबंधित सीएसपी को तत्काल निलंबित करने के निर्देश दिए हैं। पद चाहे कितना भी बड़ा हो, यदि कोई कानून के विरुद्ध जाएगा, तो उसके विरुद्ध कठोर कार्रवाई सुनिश्चित होगी। पीड़ित को न्याय दिलाना और दोषियों पर सख्त कार्रवाई करना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है।

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