Wednesday, July 15खबर जो असर करे |
Shadow

US ने ईरान पर लगाया सात कारोबारी जहाजों पर हमले का आरोप, भारतीय नाविक भी प्रभावित

वॉशिंगटन। पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव (West Asia Crisis) के बीच अमेरिका (America) ने ईरान (Iran) पर गंभीर आरोप लगाए हैं। अमेरिकी सेना की सेंट्रल कमांड (सेंटकॉम) (US Central Command -CENTCOM) ने कहा है कि पिछले सात दिनों में ईरान ने सात वाणिज्यिक (कमर्शियल) जहाजों को निशाना बनाया, जिससे करीब एक दर्जन नागरिक चालक दल (क्रू) के सदस्य मारे गए, लापता हुए या घायल हुए हैं। अमेरिका ने कहा कि इन घटनाओं के लिए वह ईरान को जिम्मेदार मानता है।

सेंटकॉम के कमांडर एडमिरल ब्रैड कूपर ने बयान जारी कर कहा कि ईरानी बलों ने जानबूझकर नागरिक जहाजों को निशाना बनाया है। उनके मुताबिक, पिछले एक सप्ताह में ईरान ने सात कारोबारी जहाजों पर हमले किए। इसके अलावा ईरान ने पड़ोसी खाड़ी देशों की ओर दर्जनों मिसाइलें और ड्रोन भी दागे। उन्होंने कहा कि अमेरिका निर्दोष लोगों की जान को खतरे में डालने वाली ईरान की आक्रामक गतिविधियों के लिए उसे जवाबदेह ठहरा रहा है।

[relpost]

होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर बढ़ा तनाव
अमेरिका और ईरान के बीच तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है। अमेरिका का आरोप है कि ईरान होर्मुज जलडमरूमध्य में अंतरराष्ट्रीय समुद्री व्यापार और जहाजों की आवाजाही को बाधित कर रहा है। यह जलमार्ग दुनिया के सबसे व्यस्त तेल और व्यापारिक मार्गों में से एक माना जाता है। सेंटकॉम ने बताया कि उसने ईरानी बंदरगाहों और तटीय क्षेत्रों से आने-जाने वाले जहाजों पर नौसैनिक नाकेबंदी फिर से शुरू कर दी है। अमेरिकी सेना का कहना है कि यह कदम ईरान की उन सैन्य क्षमताओं को कमजोर करने के लिए उठाया गया है, जिनका इस्तेमाल व्यापारिक जहाजों पर हमलों में किया जा रहा है। अमेरिका के अनुसार, इस अभियान के तहत क्षेत्र में 20 से अधिक अमेरिकी युद्धपोत और सैकड़ों सैन्य विमान तैनात किए गए हैं।

भारत ने जताई चिंता
इस बीच भारत ने होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजर रहे दो जहाजों; एमटी अल बहियाह और एमटी मोम्बासा; पर हुए हमले पर गहरी चिंता व्यक्त की है। इन दोनों जहाजों पर कुल 46 चालक दल के सदस्य सवार थे, जिनमें 30 भारतीय नाविक शामिल थे।

यूएई ने भी हमले की पुष्टि की
संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के रक्षा मंत्रालय ने पुष्टि की है कि यूएई के झंडे वाले टैंकर मोम्बासा और बहियाह को होर्मुज जलडमरूमध्य के दक्षिणी हिस्से में, ओमान के क्षेत्रीय जल में, ईरानी क्रूज मिसाइलों से निशाना बनाया गया। इन घटनाओं के बाद पश्चिम एशिया में सुरक्षा स्थिति और अधिक गंभीर हो गई है। समुद्री व्यापार, तेल आपूर्ति और क्षेत्रीय स्थिरता को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिंता बढ़ गई है। वहीं, अमेरिका और ईरान के बीच टकराव और तेज होने की आशंका भी जताई जा रही है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *