बैंकांक। थाइलैंड में भारतीय पासपोर्ट धारकों को बिना वीजा एंट्री मिलती रहेगी। हालांकि इसमें एक बदलाव भी किया गया है। बिना वीजा के भारतीय थाइलैंड में अधिकतम 30 दिन तक ही रुक पाएंगे। यह वजह, थाई सरकार ने एक खास वजह से लिया है। असल में भारतीयों के वीजा-फ्री एंट्री पर रोक लगाने संबंधी प्रस्ताव के बाद से भारतीय पर्यटकों की संख्या में काफी ज्यादा गिरावट आई थी। बता दें कि थाइलैंड के लिए भारत एक बड़ा मार्केट है। बड़ी संख्या में भारतीय थाइलैंड घूमने के लिए जाते हैं।
इसलिए लिया गया फैसला
थाइलैंड कैबिनेट ने मंगलवार को अपनी साप्ताहिक बैठक में भारतीय यात्रियों के लिए 30 दिन की वीजा-फ्री एंट्री को मंजूरी दे दी। पर्यटन मंत्री सुरसक पंचरोएनवोराकुल ने कहाकि इस कदम का उद्देश्य भारतीय पर्यटकों के लिए चीजों को आसान करना है। इससे देश के पर्यटन उद्योग को भी सपोर्ट मिलेगा। उन्होंने कहाकि इसलिए कैबिनेट ने भारतीय पर्यटकों के लिहाज से 30 दिन की वीजा-फ्री एंट्री को मंजूरी दी। यह थाइलैंड के लिए एक बड़ा बाजार हैं। साथ ही पर्यटन मंत्री ने यह भी कहाकि अगर भविष्य में इस कदम से कोई समस्या आती है, तो सरकार इसकी समीक्षा कर सकती है।
पहले क्या था प्रावधान
भारतीय यात्रियों को फिलहाल बिना वीजा के थाइलैंड में 60 दिनों तक रहने की अनुमति है। लेकिन मई में थाई कैबिनेट द्वारा वीजा-मुक्त देशों की सूची को 93 से घटाकर 54 करने और 30 दिन की अवधि तय करने के प्रस्ताव को मंजूरी देने के बाद यह पॉलिसी खत्म होने वाली थी। हालांकि, यह प्रस्ताव अभी तक लागू नहीं हुआ है। पर्यटन मंत्री के अनुसार, इस घोषणा ने भारतीय यात्रियों के बीच भ्रम पैदा कर दिया और यहां से थाइलैंड आने वालों की संख्या काफी कम हो गई। भारत इस साल चीन और मलेशिया के बाद थाईलैंड के लिए तीसरा सबसे बड़ा टूरिस्ट सोर्स है।
कुछ अन्य देशों को भी छूट
भारत के साथ-साथ, थाइलैंड ने क्रोएशिया, बुल्गारिया, साइप्रस, माल्टा और मालदीव के यात्रियों के लिए भी 30-दिन की वीजा-फ्री एंट्री को मंजूरी दी है। यह जानकारी डिप्टी सरकारी प्रवक्ता प्लॉयटाले लक्समीसांगचन ने दी। इस नए फैसले के बाद 30-दिन की वीजा-फ्री एंट्री के लिए योग्य देशों की संख्या बढ़कर 60 हो गई है। इसमें सभी 27 यूरोपीय संघ के सदस्य देश भी शामिल हैं। प्लॉयटाले ने कहा कि अपडेट की गई नीति थाई पासपोर्ट धारकों के लिए शेंगेन वीजा छूट हासिल करने के थाई प्रयासों को भी समर्थन दे सकती है।
क्यों बदल रहे वीजा पॉलिसी
वीजा नीति में बदलाव ऐसे समय में आ रहे हैं जब प्रधानमंत्री अनुतिन चर्णविराकुल की सरकार उन विदेशी देशों पर कड़ी निगरानी रखना चाहती है जिन पर थाइलैंड के वीजा-फ्री सिस्टम का गलत तरीके से इस्तेमाल करके गैरकानूनी गतिविधियां करने का आरोप है। सरकार स्थानीय व्यवसायों की चिंताओं का भी जवाब दे रही है, खासकर पर्यटन स्थलों पर। पर्यटन थाईलैंड के लिए प्रमुख आर्थिक स्रोत है। थाइलैंड ने पिछले साल 33 मिलियन विदेशी पर्यटकों से लगभग 50 बिलियन डॉलर कमाए और इस साल 4 जुलाई तक 16 मिलियन से अधिक अंतरराष्ट्रीय पर्यटक यहां पहुंचे।
