नई दिल्ली। भोपाल में ट्विशा शर्मा (Twisha Sharma) की संदिग्ध मौत का मामला सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) पहुंच गया है. दरअसल, सर्वोच्च अदालत ने स्वत: संज्ञान लिया है. सोमवार को सीजेआई (CJI) की अगुवाई में बेंच इस मामले की सुनवाई करेगी।
सीजेआई सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली सुप्रीम कोर्ट की एक बेंच ने ट्विशा शर्मा की मौत के मामले पर सुनवाई करने का फैसला किया है। सर्वोच्च अदालत की मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्य बागची और जस्टिस विपुल एम. पंचोली की पीठ इस मामले की सुनवाई सोमवार को करेगी। गौर करने वाली बात यह कि सर्वोच्च अदालत ने इस मामले को ‘एक युवती की ससुराल में अप्राकृतिक मौत के मामले में कथित संस्थागत पूर्वाग्रह और प्रक्रियागत विसंगतियां’ शीर्षक के तहत लिस्ट किया है।
एक रिपोर्ट के मुताबिक, सुप्रीम कोर्ट सोमवार को ट्विशा शर्मा की भोपाल में उनके ससुराल में हुई अस्वाभाविक मौत से जुड़े मामले की सुनवाई करेगा। यह सुनवाई ऐसे समय हो रही है जब संस्थागत पक्षपात, प्रक्रियागत अनियमितताओं और जांच में चूक के आरोप लग रहे हैं। मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ सोमवार को इस केस की सुनवाई करेगी। इस बेंच में जस्टिस जॉयमाल्य बागची और जस्टिस विपुल एम. पंचोली भी शामिल होंगे।
सर्वोच्च अदालत की ओर से इस केस को ‘एक युवती की उसके ससुराल में हुई अस्वाभाविक मौत के मामले में कथित संस्थागत पक्षपात और प्रक्रियागत विसंगतियां’ शीर्षक से दर्ज किया गया है। देखना होगा कि 25 मई को देश की सर्वोच्च अदालत इस हाई प्रोफाइल केस में क्या रुख अख्तियार करता है। ट्विशा शर्मा की शादी वकील समर्थ सिंह से हुई थी। शादी के मुश्किल से पांच महीने ही बीते थे कि यह घटना सामने आई थी।
ट्विशा शर्मा के परिवार ने समर्थ सिंह और उनकी मां रिटायर जज गिरिबाला सिंह पर दहेज उत्पीड़न, मानसिक और शारीरिक प्रताड़ना और हत्या का आरोप लगाया है। वहीं आरोपी पक्ष ने का कहना है कि ट्विशा ने आत्महत्या की थी। इस बीच मध्य प्रदेश सरकार ने इस मामले की जांच सीबीआई को सौंप दी है। इस संबंध में गृह विभाग ने अधिसूचना जारी कर दी है। बता दें कि ट्विशा शर्मा के पिता नवनिधि शर्मा ने मुख्यमंत्री मोहन यादव से मुलाकात कर केस की सीबीआई से जांच कराए जाने की मांग की थी। सीएम मोहन यादव की ओर से परिवार को हर मदद का भरोसा दिया गया था।
