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शिमला में 17 ग्राम चिट्टे के तस्करी मामले में आरोपी को एक साल की कठोर जेल

शिमला में 17 ग्राम चिट्टे के तस्करी मामले में आरोपी को एक साल की कठोर जेल

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शिमला, 14 अक्टूबर (प्रेस ब्यूरो)। शिमला के एक न्यायालय ने 17 ग्राम चिट्टे की तस्करी से जुड़ी एक महत्त्वपूर्ण सुनवाई में अभियुक्त को एक साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। इस निर्णय को अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश (सीबीआई) शिमला ने दिया, जो इस क्षेत्र में विशेष जाँच एजेंसियों के सहयोग से चल रही केसों की निगरानी करते हैं। सुनवाई के दौरान, अभियुक्त अनूप कुमार (37), जो कि ठियोग जिला शिमला के निवासी हैं, को तस्करी के आरोप में दोषी ठहराया गया। अभियोजन पक्ष ने प्रस्तुत साक्ष्य और गवाहियों के आधार पर यह साबित किया कि अनूप कुमार ने बिना अनुमति के 17 ग्राम चिट्टा (सिगरेट) को एक बड़े नेटवर्क के माध्यम से परिवहन किया था, जिससे स्थानीय कानून के तहत कड़ी सजा निर्धारित की गई। निर्णय में विशेष रूप से यह उल्लेख किया गया कि तस्करी के इस छोटे लेकिन संवेदनशील आयाम को रोकने के लिए सख्त दंडात्मक उपाय...
सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली एसआईआर मामले की सुनवाई 28 अक्टूबर को निर्धारित की

सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली एसआईआर मामले की सुनवाई 28 अक्टूबर को निर्धारित की

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नई दिल्ली, 14 अक्टूबर (प्रेस ब्यूरो)। आज उच्चतम न्यायालय ने दिल्ली एसआईआर मामले की सुनवाई की तिथि में बदलाव का औपचारिक आदेश जारी किया। यह आदेश चीफ जस्टिस सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली बेंच द्वारा पारित किया गया, जिसमें स्पष्ट रूप से कहा गया कि पहले निर्धारित 30 अक्टूबर की सुनवाई को रद्द करके 28 अक्टूबर को आयोजित किया जाएगा। मामले से संबंधित याचिका में विभिन्न आरोपों का उल्लेख किया गया था, जो न्यायालय को प्रस्तुत किए गए दस्तावेज़ों और गवाहियों पर आधारित हैं। याचिका दायर करने वाली पक्षकारों ने यह तर्क दिया कि मौजूदा तिथि पर कई प्रमुख गवाह उपलब्ध नहीं हो पाएंगे, जिससे न्यायिक प्रक्रिया में देरी हो सकती है। इस कारण न्यायालय ने सुनवाई की नई तिथि को त्वरित रूप से निर्धारित किया, ताकि न्याय की गति बनी रहे और सभी संबंधित पक्षों को पर्याप्त समय मिल सके। बेंच ने यह भी स्पष्ट किया कि नई तिथि पर स...
सिंधिया राजपरिवार के ₹40 हज़ार करोड़ संपत्ति विवाद में प्रतिमा देवी को 29 अक्टूबर को कोर्ट में पेश होने का आदेश

सिंधिया राजपरिवार के ₹40 हज़ार करोड़ संपत्ति विवाद में प्रतिमा देवी को 29 अक्टूबर को कोर्ट में पेश होने का आदेश

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ग्वालियर, 14 अक्टूबर (प्रेस ब्यूरो)। ग्वालियर के प्रसिद्ध सिंधिया राजपरिवार की लगभग 40 हज़ार करोड़ रुपये की संपत्ति के बंटवारे से जुड़ी एक बहुचर्चित मामले में आज अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायालय ने कई महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए हैं। यह मामला कई सालों से विभिन्न कानूनी प्रक्रियाओं से गुजर रहा था और इसमें विभिन्न परिवार के सदस्यों के बीच संपत्ति के वितरण को लेकर गंभीर विवाद चल रहा था। न्यायालय ने इस सत्र में यह स्पष्ट किया कि प्रतिमा देवी को 29 अक्टूबर 2026 को अदालत में पेश होना अनिवार्य होगा, जहाँ उन्हें धोखाधड़ी के सबूत प्रस्तुत करने के लिए कहा गया है। कोर्ट ने यह भी आदेश दिया कि प्रतिमा देवी को सभी दस्तावेज़, वित्तीय रिकॉर्ड और अन्य साक्ष्य जो संपत्ति के बंटवारे में अनियमितताओं को दर्शाते हैं, उन्हें संलग्न करना आवश्यक है। जज ने कहा, “यदि प्रतिमा देवी द्वारा प्रस्तुत किए गए दस्तावेज...
कलकत्ता हाई कोर्ट ने महुआ मोइत्रा की सुरक्षा मामले में केंद्रीय गृह मंत्रालय को पक्षकार बनाने का निर्देश

कलकत्ता हाई कोर्ट ने महुआ मोइत्रा की सुरक्षा मामले में केंद्रीय गृह मंत्रालय को पक्षकार बनाने का निर्देश

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कोलकाता, 14 अक्टूबर (प्रेस ब्यूरो)। पश्चिम बंगाल के कृष्णानगर क्षेत्र से सम्बंधित त्रिणमूल कांग्रेस की लोकसभा सांसद महुआ मोइत्रा की सुरक्षा से जुड़े चल रहे मामले में कलकत्ता उच्च न्यायालय ने एक महत्वपूर्ण कानूनी निर्देश जारी किया है। इस निर्देश के अनुसार, केंद्रीय गृह मंत्रालय को इस सुरक्षा संबंधी प्रकरण में प्रत्यक्ष पक्षकार के रूप में मान्यता दी जाएगी, जिससे वह न्यायालय के समक्ष सभी आवश्यक दस्तावेज़ों और साक्ष्यों को प्रस्तुत करने के लिए बाध्य होगा। विचार-विमर्श के दौरान, न्यायालय ने यह स्पष्ट किया कि सुरक्षा व्यवस्था से जुड़ी कोई भी असमानता या अनुपालन में कमी होने पर तत्काल सुधारात्मक कदम उठाए जाने चाहिए, और इसके लिये केंद्रीय गृह मंत्रालय को प्रमुख भूमिका निभानी होगी। यह आदेश बुधवार को सुनाया गया, जब न्यायमूर्ति सौगत भट्टर ने विस्तृत सुनवाई के बाद यह निष्कर्ष निकाला कि मौजूदा सुरक्ष...
सुप्रीम कोर्ट का आदेश: गैर‑कानूनी हिरासत नहीं, रेल‑मेट्रो व इंटरनेट सेवाएं तुरंत बहाल रखें

सुप्रीम कोर्ट का आदेश: गैर‑कानूनी हिरासत नहीं, रेल‑मेट्रो व इंटरनेट सेवाएं तुरंत बहाल रखें

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नई दिल्ली, 12 अक्टूबर (प्रेस ब्यूरो)। सुप्रीम कोर्ट ने रविवार को दिल्ली में हुए विरोध प्रदर्शनों के दौरान 10 अक्टूबर को मेट्रो स्टेशन बंद करने के खिलाफ दायर अवमानना याचिका पर विशेष सुनवाई की। जस्टिस जॉयमाल्या बागची की अध्यक्षता वाली पीठ ने बताया कि किसी भी परिस्थितियों में गैर‑कानूनी तरीके से हिरासत नहीं ली जानी चाहिए और रेल‑मेट्रो व इंटरनेट सेवाओं को तुरंत बहाल किया जाना चाहिए। कोर्ट ने अधिकारियों को आदेश दिया कि सार्वजनिक परिवहन व डिजिटल संपर्क को बाधित करने वाले कदमों की फिर से समीक्षा की जाए और भविष्य में ऐसा किसी भी प्रकार का प्रतिबंध अनावश्यक न हो। इस निर्णय से दिल्ली के नागरिकों को सुरक्षित एवं सुदृढ़ सार्वजनिक सेवाओं का आश्वासन मिला है।...
सुप्रीम कोर्ट ने गृह मंत्रालय को नोटिस जारी, अवमानना याचिका पर दो दिनों में मांगा जवाब

सुप्रीम कोर्ट ने गृह मंत्रालय को नोटिस जारी, अवमानना याचिका पर दो दिनों में मांगा जवाब

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नई दिल्ली, 12 अक्टूबर (प्रेस ब्यूरो)। उच्चतम न्यायालय ने रविवार को गृह मंत्रालय को एक औपचारिक नोटिस जारी किया, जिसमें अवमानना याचिका के संबंध में दो दिनों के भीतर लिखित जवाब देने का निर्देश दिया गया। यह याचिका 10 अक्टूबर को दिल्ली में हुए विरोध प्रदर्शनों के दौरान पुलिस कार्रवाई, प्रदर्शनकारियों की हिरासत, साथ ही मेट्रो व रेल सेवाओं और इंटरनेट सेवाओं को बंद या बाधित करने के आरोपों पर दायर की गई थी। कोर्ट ने कहा कि यदि गृह मंत्रालय निर्धारित अवधि में संतोषजनक उत्तर नहीं देता, तो आगे की प्रक्रिया अपनाई जा सकती है। इस कदम से सरकार को अपनी कार्रवाई का वैधता सिद्ध करने और मौजूदा प्रतिबंधों के वैधता पर स्पष्टता प्रदान करने की मांग की जा रही है।...
जहर‑खिलाने वाले अपहरण केस में अभियोजन ने दोहराया क्राइम सीन, फैसला जल्द सामने आ सकता है

जहर‑खिलाने वाले अपहरण केस में अभियोजन ने दोहराया क्राइम सीन, फैसला जल्द सामने आ सकता है

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झांसी, 12 अक्टूबर (प्रेस ब्यूरो)। उत्तर प्रदेश के झांसी में चार साल पुराना जहर‑खिलाने वाले अपहरण मामला फिर से कानूनी दायरे में आया है। अभियोजन पक्ष ने क्राइम सीन का दोहराव किया और प्रमुख साक्ष्य प्रस्तुत किए, जिससे फैसला जल्द सुनाई दे सकता है। डीजीसी क्राइम ने घटना स्थल पर जाकर घटनाक्रम के पहलुओं को विस्तार से समझा, जिससे मामले की जटिलताओं में नई रोशनी पड़ी। अभियोजन के वकीलों ने कहा कि आरोपी को जहर देकर अपहरण करने की साजिश स्पष्ट रूप से सिद्ध हुई है और इसे सख्त दंड के साथ दण्डित किया जाना चाहिए। जिला न्यायालय में चल रहे इस मुकदमे में दोनों पक्षों ने अपने-अपने तर्क रखे हैं। रक्षा पक्ष ने अभी तक सभी आरोपों को खारिज करने का आग्रह किया है, जबकि अभियोजन ने साक्ष्य‑आधारित मजबूत केस पेश किया है। यदि न्यायालय इस बार अभियोजन के प्रस्तुत दस्तावेज़ों को स्वीकार करता है, तो जहरीले अपहरण के मा...
हिमाचल विवि के प्रो‑वीसी के पद पर बने रहेंगे राजिंदर वर्मा, 4 नवंबर को अगली सुनवाई

हिमाचल विवि के प्रो‑वीसी के पद पर बने रहेंगे राजिंदर वर्मा, 4 नवंबर को अगली सुनवाई

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शिमला, 12 अक्टूबर (प्रेस ब्यूरो)। हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने यह आदेश पर रोक लगा दी है जिसमें प्रो. राजिंदर वर्मा को हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय के कुलपति की विदेश यात्रा के दौरान उनके कामकाज की जिम्मेदारी अन्य अधिकारियों को सौंपा जाना था। कोर्ट ने कहा कि इस आदेश को लागू करना अनुचित है और अब तक राजिंदर वर्मा ही प्रो‑वीसी के पद पर बने रहेंगे। अगले चरण की सुनवाई 4 नवंबर को निर्धारित की गई है, जहाँ इस मामले के विस्तृत बिंदुओं पर चर्चा होगी।...
झारखंड हाई कोर्ट ने शराब घोटाला के आरोपी नवीन केडिया की जमानत याचिका खारिज की

झारखंड हाई कोर्ट ने शराब घोटाला के आरोपी नवीन केडिया की जमानत याचिका खारिज की

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रांची, 03 फरवरी (प्रेस ब्यूरो)। झारखंड में चर्चित शराब घोटाला मामले में छत्तीसगढ़ के शराब कारोबारी नवीन केडिया को झारखंड उच्च न्यायालय से झटका लगा है। मंगलवार को उच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति एस.के. द्विवेदी की अदालत ने नवीन केडिया की जमानत याचिका पर फैसला सुनाते हुए उसे खारिज कर दिया। जमानत याचिका पर सुनवाई के दौरान अदालत ने स्पष्ट रूप से कहा कि याचिकाकर्ता ने अब तक न्यायालय अथवा जांच एजेंसी के समक्ष आत्मसमर्पण (सरेंडर) नहीं किया है, ऐसे में उनकी जमानत याचिका पर विचार नहीं किया जा सकता। अदालत ने पूर्व में दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अपना आदेश सुरक्षित रख लिया था, जिसे मंगलवार को सुनाया गया। उल्लेखनीय है कि झारखंड में सामने आए शराब घोटाला मामले की जांच भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम के तहत भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) द्वारा की जा रही है। जांच के दौरान नवीन केडिया के फरार होने के...
जमीअत उलमा-ए-हिंद ने असम के मुख्यमंत्री के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की

जमीअत उलमा-ए-हिंद ने असम के मुख्यमंत्री के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की

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नई दिल्ली, 03 फरवरी (प्रेस ब्यूरो)। जमीअत उलमा-ए-हिंद ने अपने अध्यक्ष मौलाना महमूद असद मदनी के माध्यम से आज सुप्रीम कोर्ट में एक विस्तृत याचिका दायर करते हुए असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा के हालिया सार्वजनिक बयान को गंभीर घृणा आधारित, सांप्रदायिक रूप से भड़काऊ और संवैधानिक मूल्यों का खुला उल्लंघन बताया है। याचिका में असम के मुख्यमंत्री के 27 जनवरी, 2026 को दिए गए उस भाषण का विशेष रूप से उल्लेख किया गया है, जिसमें उन्होंने यह दावा किया कि “चार से पांच लाख ‘मियां’ वोटर्स को मतदाता सूची से बाहर कर दिया जाएगा” और यह भी कहा कि वह और उनकी पार्टी “सीधे मियां लोगों के खिलाफ” हैं। याचिका के अनुसार, ‘मियां’ शब्द असम में मुसलमानों के लिए अपमानजनक और बेइज्जती करने वाले तरीके से प्रयोग किया जाता है। याचिका में आगे कहा गया है कि असम के मुख्यमंत्री का उपरोक्त भाषण, इस संदर्भ में कि वह एक ऊंच...