
शिमला, 07 नवंबर (प्रेस ब्यूरो)। 65‑वर्षीय पिता पर अपने ही छोटे बेटे Ajay ने 30 अक्टूबर को सुबह लगभग 11 बजे लोहे की पाइप से मारपीट की, जिससे पिता के पैर में गंभीर चोट लग गई। पिता ने परिवार की बदनामी के डर से घटना की रिपोर्ट कई दिनों तक नहीं की। जब 6 नवंबर को पिता की तबीयत बिगड़कर अस्पताल पहुँचे, तो डॉक्टरों ने उनके पैर की जाँच की और तुरंत भर्ती कराया।
पुलिस थाना झाखड़ी में यह मामला दर्ज हुआ। पिता ने पुलिस को बताया कि Ajay ने उन्हें गाली‑गलौज करके रोक कर लोहे की पाइप से हमला किया। उसी समय पिता की पत्नी ने हस्तक्षेप करके बेटे को रोकने में सफलता पाई।
पुलिस ने बताया कि पिता के दो बेटे हैं – बड़ा बेटा शिमला में प्रोफेसर है, जबकि छोटा बेटा घर पर रहकर खेती करता है। पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की धारा 126(2), 115(2) और 352 के तहत Ajay के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। पुलिस वर्तमान में जांच के अंतर्गत मामले की जाँच कर रही है।
पिता का कहना है कि उन्होंने घटना की सूचना नहीं दी क्योंकि उन्हें डर था कि परिवार की प्रतिष्ठा को धक्का लगेगा। डॉक्टरों ने कहा कि पिता की पैर की चोट को तुरंत इलाज की आवश्यकता है और आगे की जाँच चल रही है। पुलिस ने कहा कि आरोपित पर पुलिस द्वारा उपयुक्त कार्रवाई की जाएगी।
इस घटना के बाद शिमला जिले के अन्य नागरिकों में भी घरेलू हिंसा के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए विभिन्न कार्यशालाएँ आयोजित की जा रही हैं। पुलिस ने सभी नागरिकों को आश्वासन दिया कि घरेलू मामलों में भी कानून का पूरा पालन किया जाएगा।
