
इंदौर, 07 नवंबर (प्रेस ब्यूरो)। मध्य प्रदेश के इंदौर में धन्वन्तरि जयंती के अवसर पर एक विशेष आयुर्वेद सम्मेलन आयोजित किया गया। इस समारोह का संयुक्त आयोजन आरोग्य भारती इंदौर महानगर, नेशनल इंटीग्रेटेड मेडिकल एसोसिएशन (नीमा), एमजीएम स्मृति चिकित्सा महाविद्यालय तथा कई स्वास्थ्य‑समर्पित संस्थाओं द्वारा किया गया। कार्यक्रम एमजीएम मेडिकल कॉलेज के सभागृह में संपन्न हुआ, जहाँ चिकित्सा जगत की आठ प्रतिष्ठित विभूतियों को उनके उल्लेखनीय योगदान हेतु सम्मानित किया गया।
समारोह के मुख्य अतिथि आरोग्य भारती के राष्ट्रीय संगठन सचिव डॉ. अशोक कुमार वार्ष्णेय थे, जबकि मध्य प्रदेश शासन के कैबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने समस्त कार्यक्रम की अध्यक्षता की। उद्घाटन में भगवान धन्वन्तरि की पूजा तथा अतिथियों का सत्कार किया गया।
सम्मानित विभूतियों में वरिष्ठ आयुर्वेद चिकित्सक एवं आयुष विभाग के सेवानिवृत्त संयुक्त संचालक वैद्य सोमेंद्र मिश्र, नीमा के प्रांतीय अध्यक्ष डॉ. महेश गुप्ता, वरिष्ठ स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. वैजयन्ती भौरास्कर, वरिष्ठ योगाचार्य एवं आयुर्वेद चिकित्सक डॉ. रीता शर्मा, वरिष्ठ होम्योपैथिक चिकित्सक एवं सरकारी चिकित्सा अधिकारी डॉ. तृप्ति काटदरे, वरिष्ठ औषधि निर्माता पं. गौतम मारवाल, वरिष्ठ औषधि विक्रेता पं. अर्पित सिद्ध तथा वरिष्ठ मेडिकल प्रतिनिधि श्री रत्नदीप कानूनगो शामिल थे।
समारोह में उपस्थित वक्ताओं ने भगवान धन्वन्तरि को आयुर्वेद एवं चिकित्सा परंपराओं का आराध्य देव कहा और बताया कि उनका जयंती महोत्सव विभिन्न चिकित्सा पद्धतियों के बीच समन्वय, स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार तथा जनजागरूकता बढ़ाने का महत्वपूर्ण अवसर है। आज की कठिन स्वास्थ्य चुनौतियों से निपटने के लिये सभी चिकित्सकों के बीच सहयोग एवं सामूहिक प्रयास अनिवार्य है, और आरोग्य भारती इसी लक्ष्य को साधते हुए विभिन्न पद्धतियों के चिकित्सकों को एक मंच पर लाने का कार्य कर रही है।
समारोह में भोलानाथ, एमजीएम मेडिकल कॉलेज के डीन डॉ. अरविंद घनघोरिया, वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. आर.के. बाजपेयी, तथा कई गणमान्य चिकित्सक और स्वास्थ्यकर्मी उपस्थित थे। आरोग्य भारती मालवा प्रांत के कार्याध्यक्ष वैद्य लोकेश जोशी ने बताया कि धन्वन्तरि जयंती का प्रमुख उद्देश्य उत्कृष्ट सेवाएँ देने वाली विभूतियों का सम्मान करना, भारतीय चिकित्सा पद्धतियों के प्रति जनजागरूकता बढ़ाना तथा सभी पद्धतियों के बीच पारस्परिक सहयोग को प्रोत्साहित करना है।
