बेंगलुरु। कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु में एक कैब ड्राइवर द्वारा पत्नी समेत ससुराल के सात लोगों की हत्या का मामला सामने आया है। मृतकों में सात साल का एक बच्चा भी शामिल है। पुलिस ने आरोपी इंदुशेखर के घर से उसके साले और साली के बेटे को सुरक्षित बचाया है। बच्चे ने पुलिस को बताया कि आरोपी उसे कार से अलग-अलग जगहों पर घुमाता रहा और रास्ते में बड़ी-बड़ी प्लास्टिक की थैलियां फेंकता जाता था। उसे अंदाजा भी नहीं था कि उन थैलियों में उसके परिजनों के शवों के टुकड़े थे।
घूमने के बहाने बच्चे को ले जाता रहा आरोपी
पुलिस के अनुसार, बचाए गए बच्चे ने बताया कि इंदुशेखर उसे कार से कई जगहों पर ले गया। वह उसे एयरपोर्ट और विभिन्न मंदिरों में भी लेकर गया। जब बच्चा पूछता कि वे कहां जा रहे हैं, तो आरोपी घूमने जाने की बात कहकर उसे टाल देता था। रास्ते में वह जगह-जगह बड़ी प्लास्टिक की थैलियां फेंकता रहा। बच्चे के पूछने पर उसने बताया कि थैलियों में कूड़ा भरा हुआ है। बच्चा लगातार अपने माता-पिता के बारे में पूछता रहा, लेकिन आरोपी हर बार बात बदल देता था।
घर पर दावत के बहाने बुलाया, फिर की हत्याएं
बच्चे के मुताबिक, 31 अक्टूबर को इंदुशेखर के घर पर परिवार के सभी सदस्य मौजूद थे। रात में सभी अपने घर जाना चाहते थे, लेकिन आरोपी ने उन्हें समझाकर रोक लिया। पुलिस के अनुसार, इसी दौरान परिवार के सदस्यों की हत्या की गई।
बेंगलुरु के पुलिस आयुक्त के मुताबिक, मृतकों में आरोपी की पत्नी सुनीता, सास रूपावती, साला शंकर और शिवकुमार, दोनों की पत्नियां दिव्या और नलिनी तथा दिव्या का सात वर्षीय बेटा शामिल हैं। बचाया गया बच्चा शंकर और नलिनी का बेटा है।
15 से 20 दिन में सात हत्याएं करने का दावा
पुलिस के अनुसार, आरोपी ने अपने बयान में दावा किया है कि उसने 15 से 20 दिनों के भीतर सातों लोगों की हत्या की। वह परिवार के सदस्यों को एक-एक करके बुलाता था और हत्या के बाद शवों के टुकड़े प्लास्टिक की थैलियों में भरकर अलग-अलग स्थानों पर फेंक देता था। पुलिस ने बताया कि अब तक केवल बच्चे का शव बरामद हुआ है। बाकी शवों की तलाश की जा रही है।
पत्नी के बार-बार मायके जाने से था परेशान
पुलिस की प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि इंदुशेखर अपनी पत्नी के बार-बार मायके जाने से नाराज था। उसकी ससुराल भी उसी कस्बे में स्थित थी। हालांकि, हत्याओं के पीछे की वास्तविक वजह अभी स्पष्ट नहीं हुई है।
राज्य के गृह मंत्री प्रियंक खरगे ने कहा है कि जांच के बाद ही हत्याओं की असली वजह सामने आएगी। इससे स्पष्ट होगा कि मामला किसी मानसिक स्वास्थ्य संबंधी समस्या, पारिवारिक विवाद या संपत्ति विवाद से जुड़ा था। पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच कर रही है।
