
संबित पात्रा – भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता और सांसद – ने बेंगलुरु के जगन्नाथ भवन में गुरुवार को आयोजित संवाददाता सम्मेलन के दौरान कांग्रेस के नेता राहुल गांधी पर स्पष्ट आरोप लगाये। उन्होंने कहा कि गांधी के पास न तो ठोस तथ्य हैं और न ही विश्वसनीय आंकड़े। संसद में शालीन और सार्थक बहस करने के बजाय, वे “सड़कों पर हंगामा और अराजकता फैलाना” चाहते हैं, यह उनका कथित उद्देश्य है।
इस “लोकतंत्र बचाओ, अराजकता मिटाओ अभियान” के तहत, पात्रा ने गांधी पर यह भी आरोप लगाया कि जब भी वे बोलते हैं, कांग्रेस को चुनावी हार का सामना करना पड़ता है। उन्होंने विशेष रूप से उल्लेख किया कि संसद में विषय आधारित चर्चा करने के बजाय, गांधी “सड़कों पर हंगामा और अराजकता फैलाना” चाहते हैं।
पात्रा ने गांधी से आग्रह किया कि वे पहले अपने ही इंडी गठबंधन के सहयोगियों – अरविंद केजरीवाल और ममता बनर्जी – के साथ चर्चा करें। उन्होंने पूछा कि क्या केजरीवाल पंजाब में उनके साथ हैं या नहीं, और गांधी को यह स्पष्ट करना चाहिए कि चुनाव के दौरान जिस “त्रिनमूल कांग्रेस” को वे सबसे भ्रष्ट बताते थे, वह आज ममता बनर्जी और उनकी पार्टी के बारे में क्या सोचते हैं, इस पर जवाब दें।
इसके अलावा, पात्रा ने कर्नाटक की अपनी ही कांग्रेस सरकार के मंत्री सतीश जारकीहोली को चुनौती दी। उन्होंने कहा कि जब जारकीहोली का मानना है कि राज्य में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) की प्रक्रिया सही तरीके से पूरी हुई है, तो गांधी को पहले अपने ही मंत्री से पूछना चाहिए कि “एसआईआर की प्रक्रिया सही है या गलत।”
इस प्रकार, पात्रा ने स्पष्ट किया कि यदि गांधी “सड़कों पर हंगामा” फैलाने के इरादे से कार्य करते हैं, तो उन्हें पहले अपने गठबंधन और आंतरिक नीति के विषयों पर चर्चा करनी चाहिए, न कि केवल बाहरी निंदा तक सीमित रहना चाहिए।
