
मुरैना, 06 नवंबर (प्रेस ब्यूरो)। मुरैना जिले के चंबल के बीहड़ों में आतंक का दूसरा नाम बन चुके कुख्यात डकैत कल्ली गुर्जर को गुरुवार सुबह पुलिस के हाथ में लेकर गिरफ्तार कर लिया गया। 10 बजे के आसपास बानमौर थाना परिसर में एक शॉर्ट एनकाउंटर के दौरान उसे पैर में गोली लगने के बाद गिरते हुए पाया गया। पुलिस ने तुरंत ही उसे दबोचकर अस्पताल में मेडिकल जांच के लिये पहुँचाया।
पुलिस की रिपोर्ट के मुताबिक, उसी समय 80 हजार के इनामी सूचना के आधार पर बानमौर के पहाड़ी इलाके में कल्ली के छिपने का पता चला। 200 जवानों की टीम ने पूरे क्षेत्र को घेर लिया। जब कल्ली ने घेराबंदी महसूस की तो उसने फायरिंग शुरू कर दी, जिसके जवाब में पुलिस की गोली उसके पैर में लगी।
इस डकैत पर मुरैना, ग्वालियर और श्योपुर जिलों में 20 से अधिक गंभीर मामलों की पंजीकरण है। हत्या, हत्या के प्रयास, लूट, डकैती और रंगदारी जैसे अपराधों में वह लंबे समय से वांटेड रहा है। महीनों से पुलिस की टीम ने बीहड़ों में उसकी खोज की, परंतु उसे ढूंढ पाना मुश्किल बना रहा।
अद्भुत बात यह है कि फरार होने के बावजूद कल्ली सोशल मीडिया पर सक्रिय रहा। उसने लगातार वीडियो अपलोड करके अपने दुश्मनों को धमकी दी। 20 दिन पहले वायरल हुआ एक वीडियो, जिसमें वह मुरैना के महेश्वर मंदिर के सामने खड़ा होकर अपने विरोधी करुआ गुर्जर निवासी जड़ेरुआ को ललकार रहा था। वीडियो में उसने कहा, “मैं मंदिर आ गया हूं, दम है तो आकर मिल।” यह वीडियो करुआ के परिवार पर अपमानजनक टिप्पणियों के जवाब में बनाया गया था।
तीन महीने पहले कल्ली ने ग्वालियर के आगरा-मुंबई हाईवे (एबी रोड) पर रंगदारी का बड़ा कांड किया था। वह बिना नंबर की सफेद बोलेरो में आया और कंटेनर चालक से रंगदारी मांगने लगा। जब चालक ने मना किया तो उसने अंधाधुंध फायरिंग कर दी, जिससे कंटेनर के 12 टायर फट गए।
वर्तमान में कल्ली अस्पताल में पुलिस की हिरासत में है और उससे पूछताछ चल रही है। मुरैना के जिला पुलिस अधीक्षक धर्मराज मीणा ने बताया कि इस डकैत को शॉर्ट एनकाउंटर में गिरफ्तार कर लिया गया है, और इसके साथ ही उसके कई साथी फरार हो चुके हैं, जिनकी तलाश में पुलिस टीम लगी हुई है।
