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केरल लोक सेवा आयोग पर भ्रष्टाचार के आरोप, भाजपा ने राष्ट्रपति से सर्वोच्च न्यायालय को संदर्भ भेजने की मांग

नई दिल्ली, 06 नवंबर (प्रेस ब्यूरो)। केरल लोक सेवा आयोग (केपीएससी) में कथित भ्रष्टाचार और कुप्रशासन के आरोपों के बीच भाजपा ने राज्य सरकार पर सवाल उठाए हैं। केरल भाजपा अध्यक्ष राजीव चंद्रशेखर ने राष्ट्रपति से राज्यपाल की सिफारिश पर कार्रवाई करते हुए संविधान के अनुच्छेद 317 के तहत मामले को सर्वोच्च न्यायालय में संदर्भित करने का आग्रह किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि केपीएससी में कथित अनियमितताओं के खिलाफ कई महीनों से आंदोलन कर रहे युवाओं को न्याय नहीं मिल रहा है और राज्य की कांग्रेस सरकार ने पिछले छह महीने में मामले की एक भी जांच शुरू नहीं की है।

राजीव चंद्रशेखर ने सांसद पी.टी. उषा और सदानंदन मास्टर के साथ राष्ट्रपति से मुलाकात कर इस संबंध में ज्ञापन सौंपा। प्रतिनिधिमंडल ने केरल के राज्यपाल की सिफारिश पर उचित कार्रवाई करने और केरल लोक सेवा आयोग में कथित भ्रष्टाचार एवं कुप्रशासन के मामले को सर्वोच्च न्यायालय के समक्ष भेजने का अनुरोध किया।

भाजपा मुख्यालय में गुरुवार को आयोजित पत्रकारवार्ता में चंद्रशेखर ने कहा कि केरल के राज्यपाल ने संविधान के अनुच्छेद 317 के तहत केपीएससी की कार्यप्रणाली में कथित भ्रष्टाचार और कुप्रशासन को लेकर सर्वोच्च न्यायालय में संदर्भ भेजने की सिफारिश की है। अब राष्ट्रपति के स्तर पर इस मामले में कार्रवाई की मांग की गई है।

चंद्रशेखर ने यह भी जोर दिया कि केरल लोक सेवा आयोग की भर्ती प्रक्रिया से जुड़े युवाओं के भविष्य का सवाल है। राज्य में बड़ी संख्या में ऐसे युवा हैं, जिन्होंने प्रतियोगी परीक्षाओं में हिस्सा लिया और रैंक हासिल की, लेकिन कथित अनियमितताओं के कारण उन्हें नौकरी नहीं मिल सकी। ऐसे युवा पिछले कई महीनों से विरोध प्रदर्शन और हड़ताल कर रहे हैं।

उन्होंने आरोप लगाया कि केपीएससी की कार्यप्रणाली पर निहित स्वार्थों का प्रभाव है। चंद्रशेखर ने आयोग पर एसएफआई (स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया) सहित माकपा से जुड़े संगठनों के प्रभाव में काम करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए निष्पक्ष जांच जरूरी है।

राजीव चंद्रशेखर

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