Friday, November 6खबर जो असर करे |
Shadow

टीएमसी के बागी विधायकों को अयोग्य ठहराने की मांग पर सुप्रीम कोर्ट ने हाई कोर्ट में जाने का निर्देश

नई दिल्ली, 05 नवंबर (प्रेस ब्यूरो)। सुप्रीम कोर्ट ने ममता बनर्जी के नेतृत्व वाले तृणमूल कांग्रेस गुट के एक नेता की याचिका को सुनवाई से बाहर कर दिया। याचिका में यह मांग की गई थी कि पश्चिम बंगाल विधानसभा अध्यक्ष को निर्देश दिया जाए कि वे बागी विधायकों के खिलाफ दायर अयोग्यता याचिकाओं पर शीघ्र निर्णय लें। याचिकाकर्ता को इस मामले को आगे बढ़ाने के लिये कलकत्ता उच्च न्यायालय में जाना कहा गया।

सुनवाई करने वाली बेंच का अध्यक्ष मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत थे। उन्होंने शोभनदेव चट्टोपाध्याय द्वारा दायर याचिका को खारिज करते हुए याचिकाकर्ता को कलकत्ता उच्च न्यायालय में पेश होने का सुझाव दिया। साथ ही, उन्होंने कलकत्ता उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश से आग्रह किया कि इस प्रकरण को डिवीजन बेंच के समक्ष सुना जाए।

इस याचिका से पहले 8 जुलाई को ऋतब्रत बनर्जी, फिरहाद हकीम, अरूप रॉय, संदीपन साहा, अखरुज्जमां अंसारी, शिउली साहा, सबीना यास्मीन, बिप्लब मित्रा, जावेद खान और रथिन घोष के विरुद्ध अयोग्यता याचिकाएँ दायर की गई थीं। ये सभी विधायकों ने तृणमूल कांग्रेस के टिकट पर विधानसभा चुनाव लड़ा था, परंतु बाद में उन्होंने दल बदल कर अन्य पार्टी में शामिल हो गए।

याचिका में यह भी कहा गया था कि केशम मेघचंद्र सिंह बनाम स्पीकर, मणिपुर विधानसभा 2021 के सुप्रीम कोर्ट के निर्णय में निर्धारित समयसीमा के भीतर इन अयोग्यता याचिकाओं का निपटारा किया जाए। इस प्रकार, उच्चतम न्यायालय ने याचिकाकर्ता को हाई कोर्ट में जाकर मामले की सुनवाई का अनुरोध किया, जबकि अंततः इस मुद्दे का निर्णय उच्च न्यायालय के डिवीजन बेंच को सौंपा गया।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *