
रांची, 05 नवंबर (प्रेस ब्यूरो)। झारखंड के रांची स्थित बड़गांई में 8.86 एकड़ भूमि से जुड़ी घोटाले की जांच में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की दो याचिकाओं पर झारखंड उच्च न्यायालय ने बुधवार को कार्यवाही की। इन याचिकाओं में मुख्यमंत्री की डिस्चार्ज पिटीशन को खारिज करने तथा अभियोजन स्वीकृति के बिना मामला संज्ञान में लेने वाले पीएमएलए कोर्ट के आदेश को चुनौती दी गई थी।
सुनवाई के दौरान न्यायालय ने मुख्यमंत्री की ओर से ईडी के जवाब पर प्रतिउत्तर दाखिल करने के लिए अतिरिक्त समय प्रदान किया और दोनों मामलों की अगली सुनवाई दो दिसंबर के लिए निर्धारित की। ईडी की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता अमित कुमार दास और अधिवक्ता सौरव कुमार ने अपने पक्ष को रेखांकित किया।
पिछले समय में बड़गांई की इस जमीन से जुड़े झूठे लेन‑देन में ईडी ने झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के नेता अंतू तिर्की, आर्किटेक्ट विनोद कुमार सिंह सहित कई जमीन व्यापारियों के ठिकानों पर छापेमारी की थी। जांच पूरी होने के बाद ईडी ने अभियुक्तों के खिलाफ पीएमएलए कोर्ट में आरोपपत्र दाखिल किया और विशेष अदालत ने अंतू तिर्की, विनोद कुमार सिंह समेत १७ आरोपियों के खिलाफ आरोप गठित कर लिये।
आरोपितों की सूची में राजस्वकर्मी भानु प्रसाद प्रताप, अंतू तिर्की, बिजेंद्र सिंह, बिपिन सिंह, प्रियरंजन सहाय, मनोज कुमार यादव, कुमार राजश्री, राजकुमार पाहन, संजीत कुमार, विनोद कुमार सिंह, शेखर कुशवाहा, तापस घोष, मोहम्मद इरशाद अख्तर, अफसर अली, मोहम्मद सद्दाम हुसैन और मोहम्मद इरशाद शामिल हैं।
जांच के आगे के चरण और न्यायालय के आदेशों के प्रभाव को देखते हुए, मामला अभी भी सार्वजनिक और कानूनी दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण बना हुआ है।
