
नई दिल्ली, 05 नवंबर (प्रेस ब्यूरो)। इस साल के धनतेरस को लेकर बाजारों में उत्सव का माहौल साफ़ दिख रहा है। इस अवसर पर आयुष्मान योग और शुक्रवारी धनतेरस का विशेष संयोग बना है, जिससे इस दिन खरीदारी करने वालों के लिये अतिरिक्त लाभ की संभावना बनती है। वैदिक शास्त्रों के अनुसार, जब प्रदोष बेला में खरीदारी की जाती है, तो वह अत्यंत शुभ माना जाता है और इस समय की ख़रीदारी से वित्तीय समृद्धि तथा स्वास्थ्य दोनों में लाभ मिलता है।
भक्तों के लिये यह दिन विशेष महत्व रखता है क्योंकि यह भगवान धन्वंतरि के अवतरण दिवस के साथ मेल खाता है। आयुर्वेद के देवता धन्वंतरि का यह जन्मोत्सव ही धनतेरस के रूप में मनाया जाता है, जिससे इस दिन को स्वास्थ्य, धन और ज्ञान का प्रतीक माना जाता है। इस कारण ही इस वर्ष के धनतेरस को 6 नवंबर को मनाया जाएगा और कई लोग इस तिथि को खरीदारी, विशेषकर सोने-चांदी और इलेक्ट्रॉनिक्स के लिये चुनेंगे।
आचार्य चेतन ने कहा, “इस वर्ष के धनतेरस पर आयुष्मान योग तथा शुक्रवारी धनतेरस का मिलन विशेष रूप से पाँच राशियों – मेष, कुम्भ, मिथुन, तुला और वृश्चिक – के लिये सौभाग्य लाएगा। इन राशियों के जातक इस दिन की खरीदारी से न केवल आर्थिक लाभ प्राप्त करेंगे, बल्कि स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं में भी राहत देखेंगे।”
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि लोग प्रदोष बेला में उपयुक्त वस्तुएँ चुनते हुए खरीदारी करते हैं, तो वे भविष्य में आने वाले आर्थिक उतार-चढ़ाव से बच सकते हैं। साथ ही, इस दिन किए गए दान और परोपकारी कार्यों से भी भाग्य में सकारात्मक परिवर्तन आता है।
सभी बाजारों में दुकानदारों ने पहले ही विशेष छूट और ऑफ़र की घोषणा कर दी है, ताकि ग्राहक इस शुभ अवसर का अधिकतम लाभ उठा सकें। इस प्रकार, इस वर्ष का धनतेरस न केवल ख़रीदारी का महापर्व रहेगा, बल्कि स्वास्थ्य, धन और सौभाग्य के लिए भी एक महत्वपूर्ण संयोग बनकर उभरा है।
