
श्रीनगर, 05 नवंबर (प्रेस ब्यूरो)।
रात के लगभग 12:23 बजे बेमिना के एक दुर्बल क्षेत्र में लगी आग ने लगभग 80 अस्थायी आश्रय स्थल को जलाकर राख कर दिया। इस त्रासदी में दो लोग मारे गए, दोनों दिल्ली के निवासी थे।
एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि आग तेज़ी से तिरपाल और लकड़ी से बने आश्रय स्थलों में फैल गई, जिससे एक खाली पोल्ट्री फार्म और एक टिपर (ट्रक) को भी क्षति पहुँची। फायर एंड इमरजेंसी सर्विसेज ने तुरंत जिबीसी और रावलपोरा फायर स्टेशनों के दमकल गाड़ियाँ तथा बटामालू स्थित फायर एंड इमरजेंसी सर्विसेज मुख्यालय से अतिरिक्त मदद भेजी।
अधिकारी ने बताया कि सूचना मिलने से पहले ही पूरा इलाका आग की लपटों में घिर चुका था। आग पर काबू पाने के बाद, मलबे से दो शव बरामद हुए। मृतकों की पहचान मोहम्मद नूर आलम (27), पुत्र अब्दुल वहाब, निवासी दिल्ली, हाल निवास दुर्बल, तथा अल अमीन (16), पुत्र मोहम्मद रफी, निवासी दिल्ली, हाल निवास कुपवाड़ा के रूप में हुई।
दोनों ही इस इलाके में कबाड़ बीनने का कार्य कर रहे थे। फॉरेंसिक साइंस लैब की प्रक्रिया पूरी होने के बाद शवों को पुलिस को सौंप दिया गया। आग लगने के कारण अभी तक पता नहीं चल पाया है, और जांच जारी है।
इस घटना ने फिर से यह याद दिलाया है कि अस्थायी आश्रय स्थलों की सुरक्षा कितनी महत्वपूर्ण है, विशेषकर जब वे कमजोर सामग्रियों से बने हों। सरकार और स्थानीय प्रशासन से अपेक्षा है कि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए कड़ी सुरक्षा उपाय और निरीक्षण लागू किए जाएं।
