
नई दिल्ली, 05 नवंबर (प्रेस ब्यूरो)। केंद्रीय मंत्रिमंडल ने आज यह निर्णय लिया है कि चालू वित्त वर्ष 2026‑27 से लेकर 2030‑31 तक 92 गीगावॉट घंटे के ग्रिड‑स्तरीय ऊर्जा भंडारण प्रणालियों के लिए 14,500 करोड़ रुपये की व्यवहार्यता अंतर निधि योजना को अनुमोदित किया जाए। इस योजना का उद्देश्य भारत की बिजली ग्रिड को सुदृढ़ बनाना और नवीकरणीय ऊर्जा के बड़े पैमाने पर समाकलन को प्रोत्साहित करना है।
सूचना एवं प्रसारण मंत्री अश्वनी वैष्णव ने एक पत्रकार सम्मेलन में बताया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में गठित केंद्रीय मंत्रिमंडल ने इस वित्तीय वर्ष से लेकर आगामी वर्ष 2030‑31 तक 92 गीगावॉट घंटे के ग्रिड‑स्केल एनर्जी स्टोरेज सिस्टम के लिए 14,500 करोड़ रुपये की “वायबिलिटी गैप फंडिंग” को स्वीकृत कर दिया है। उन्होंने कहा कि इस योजना से पूरे देश में 92 गीगावॉट घंटे की नई ऊर्जा भंडारण क्षमता के विकास में मदद मिलेगी।
इस योजना के तहत तीन प्रमुख प्रौद्योगिकियों के लिए फंडिंग का प्रावधान है: बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम के लिए 30
