
नई दिल्ली, 04 नवंबर (प्रेस ब्यूरो)। भारतीय जनता पार्टी ने मंगलवार को कांग्रेस तथा अन्य विपक्षी दलों पर अराजकता फैलाने का आरोप लगाते हुए, राहुल गांधी के ‘सत्ता परिवर्तन’ संबंधी बयानों और कथित हिंसक विरोध प्रदर्शनों को लेकर सवाल उठाए। पार्टी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत वैश्विक मंच पर मजबूत भूमिका निभा रहा है, जबकि विपक्ष का एक वर्ग संवैधानिक व्यवस्था और लोकतांत्रिक संस्थाओं को चुनौती देने वाली राजनीति कर रहा है।
भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता गौरव भाटिया ने पार्टी मुख्यालय में आयोजित पत्रकार वार्ता में कहा कि भारतीय समाज की आस्था संविधान और लोकतांत्रिक व्यवस्था में निहित है। उन्होंने कहा, “हिंसक विरोध प्रदर्शन भारतीय लोकतांत्रिक परम्परा के अनुरूप नहीं हैं।” भाटिया ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी के नेतृत्व में विपक्ष ऐसी राजनीति कर रहा है, जिससे लोकतांत्रिक व्यवस्था प्रभावित हो सकती है और यह “देशहित और लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ” है।
भाटिया ने भाजपा के ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ अभियान का उल्लेख किया और बताया कि इस पहल का उद्देश्य देश में अराजकता और हिंसक विरोध की राजनीति के खिलाफ आवाज़ उठाना है। इस अभियान के तहत पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन ने मार्च में भाग लिया, और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह भी बड़ी संख्या में लोगों के साथ मार्च निकाले।
वक्ता ने एक टीवी चैनल के स्टिंग ऑपरेशन का हवाला देते हुए कहा कि इससे विपक्ष से जुड़े कुछ लोगों की पर्दे के पीछे की गतिविधियों और रणनीति का खुलासा हुआ। उन्होंने कहा, “इस स्टिंग से यह पता चला है कि राहुल गांधी की पसंद का मॉडल विध्वंसक है और उन्हें हिंसा से कोई गुरेज नहीं है। साथ ही इसमें महिलाओं को आगे लाने की सोच निचली और घटिया है।”
भाटिया ने निष्कर्ष निकाला कि आजकल विपक्षी दलों को अराजक और टूलकिट मॉडल का उपयोग अधिक पसंद है, और सवाल यह है कि क्यों वे एक सकारात्मक, शांतिपूर्ण और रचनात्मक प्रदर्शन नहीं करते, जो बिना हिंसा के, प्रशासन से अनुमति लेकर निर्धारित स्थल पर आयोजित हो।
