
रांची, 04 नवंबर (प्रेस ब्यूरो)। झारखंड उच्च न्यायालय ने अनुष्का चक्रवर्ती की हजारीबाग में संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के संबंध में राज्य सरकार को आठ सदस्यीय विशेष जांच टीम (एसआईटी) बनाने का निर्देश दिया है। यह जानकारी मंगलवार को मामले की सुनवाई के दौरान सरकार की ओर से अदालत को दी गई। अदालत में सुनवाई न्यायमूर्ति रंगन मुखोपाध्याय की अध्यक्षता में हुई, जहाँ राज्य सरकार को 19 नवंबर तक अनुसंधान की प्रगति रिपोर्ट पेश करने का आदेश दिया गया।
एसआईटी का नेतृत्व हजारीबाग सदर एसडीपीओ करेंगे और टीम को मामले की त्वरित जांच करने का निर्देश मिला है। पहले की सुनवाई में अदालत ने जांच में तेजी लाने और अनुसंधान की जिम्मेदारी डिस्पी रैंक के पुलिस अधिकारी को सौंपने का भी निर्देश दिया था।
मामले के अनुसार, गुप्ता कॉम्प्लेक्स के बड़े बाजार थाना क्षेत्र में स्थित एक फ्लैट में अनुष्का चक्रवर्ती का शव मिला था। उनके पिता सुनील कुमार चक्रवर्ती ने पति कुशाग्र रुद्र और उसके माता‑पिता पर दहेज के लिए प्रताड़ित करने और हत्या करने का गंभीर आरोप लगाया है। अनुष्का और कुशाग्र ने लगभग तीन वर्ष पूर्व प्रेम विवाह किया था और वही फ्लैट में रह रहे थे।
मृतका की मौत के बाद उनके भाई देवजीत चक्रवर्ती ने उच्च न्यायालय में आपराधिक रिट याचिका दायर की, जिसमें स्वतंत्र एवं निष्पक्ष जांच की मांग की गई। याचिका में बताया गया कि शव की मृत्यु के केवल तीन घंटे में दो बार पोस्टमार्टम किया गया, जिससे कई प्रश्न उठते हैं। शव के पैर जमीन से सटा हुआ पाया गया और शरीर पर कई चोटों के निशान भी देखे गए।
कुशाग्र रुद्र ने 29 अक्टूबर को उच्च न्यायालय में आत्मसमर्पण किया, जिसके बाद पुलिस ने उन्हें रिमांड पर ले जाकर पूछताछ की। अब इस मामले की पूरी जिम्मेदारी नई गठित एसआईटी को सौंपी गई है और अदालत को इसकी प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करनी होगी।
