
येरुशलम, 03 नवंबर (हि.स.) – इज़राइल की संसद नेसेट के चुनाव में सबसे बड़ी सीटों की संख्या हासिल करने वाली लिकुड की अध्यक्षता करने वाले प्रधान मंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने आतंकवाद‑विरोधी दलों को अपनी गठबंधन में शामिल होने का आग्रह किया है। उन्होंने सोमवार रात सोशल‑मीडिया पोस्ट में कहा, “इज़राइलियन जनता ऐसी सरकार नहीं चाहती जो राअम और जॉइंट लिस्ट जैसे दलों पर निर्भर हो। ये दल आतंकवाद का समर्थन करते हैं और यहूदी राष्ट्र के अस्तित्व को नकारते हैं।”
द यरुशलम पोस्ट और द टाइम्स ऑफ इज़राइल की रिपोर्ट के अनुसार, नेतन्याहू ने बताया, “पहले दिन से ही हमने एक व्यापक राष्ट्रीय सरकार बनाने के लिए अपना हाथ आगे बढ़ाया है।” उन्होंने आगे कहा, “यहूदी जनता के स्पष्ट बहुमत ने लिकुड को सबसे बड़ी पार्टी के रूप में चुना है और मुझे प्रधान मंत्री के पद पर अगली सरकार का नेतृत्व करने का अवसर दिया है। हम अपने सहयोगियों और किसी भी ऐसी पार्टी के साथ मिलकर एक व्यापक राष्ट्रीय सरकार बनाना चाहते हैं। आतंकवाद‑विरोधी दल हमारे साथ आएँ।”
नेतन्याहू ने कहा, “मैं इस विषय पर खुले दिल से बातचीत करने के लिए तैयार हूँ।” यह चुनाव के बाद पहली बार है जब उन्होंने राष्ट्रीय सरकार का प्रस्ताव रखा। परिणामों में लिकुड को 27 सीटें मिलीं, जबकि उनके गठबंधन में कुल 53 सीटें हैं। 120 सदस्यीय नेसेट में यशार पार्टी ने 21 सीटें हासिल कीं और उसके चेयरमैन गादी आइसेनकोट के पक्ष में कुल 48 सीटें आईं। अरब दलों ने 19 सीटें जीतीं, जिसमें राअम प्रमुख है, जो इज़राइल के अरब नागरिकों व बेडूइन समुदाय का प्रतिनिधित्व करती है।
बुधवार को राष्ट्रपति हर्जोग के सामने आधिकारिक परिणाम प्रस्तुत किए जाएंगे। लिकुड ने प्रक्रिया को अस्थगित करने की मांग की, परन्तु केंद्रीय चुनाव समिति के अध्यक्ष ने इसे ठुकरा दिया। पार्टी ने आरोप लगाया कि अरब दलों ने वोट “चुराए” हैं। इस दावे को उच्चतम न्यायालय की जज नोम सोहलबर्ग ने खारिज कर दिया। विदेशी हस्तक्षेप के संदेह पर जांच जारी है; कतर या अन्य ताकतों के माध्यम से अरब मतदाताओं को बढ़ावा देने और फंडिंग के आरोप अभी तक साबित नहीं हुए हैं। केंद्रीय चुनाव समिति ने कहा कि भले ही ये आरोप सत्य हों, वे परिणाम बदलने के लिये पर्याप्त नहीं हैं, और चुनाव “सही तरीके से” आयोजित किए गए। समिति बुधवार को परिणामों को औपचारिक रूप से मंजूरी देगी, जिसके बाद वे राष्ट्रपति के सामने पेश किए जाएंगे, जबकि लिकुड इस कदम का विरोध करने पर विचार कर रही है।
