
रायपुर, 28 अक्टूबर (प्रेस ब्यूरो)। छत्तीसगढ़ के कृषि मंत्री रामविचार नेताम ने बताया कि भाजपा सरकार के किसान हितैषी निर्णयों ने राज्य में खुशहाली का नया अध्याय रचा है। राज्य मंत्रिपरिषद की बैठक में 19 महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए, जिनसे किसानों, सरकारी कर्मचारियों और आम जनता को लाभ होगा।
बुधवार को एकात्म परिसर स्थित भाजपा कार्यालय में आयोजित पत्रकार वार्ता में नेताम ने मंत्रिपरिषद के निर्णयों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि 15 नवंबर 2026 से शुरू होने वाले खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 में धान खरीद की जाएगी। 27.5 लाख से अधिक किसानों से प्रति क्विंटल ₹3100 की दर से, अधिकतम 21 क्विंटल प्रति एकड़ के मान से धान खरीदा जाएगा।
किसानों को धान विक्रय प्रक्रिया में राहत देने के लिये पंजीयन व्यवस्था को सरल बनाया गया है। एग्रीस्टेक आईडी से पहले पंजीकृत किसानों को पुनः पंजीयन की आवश्यकता नहीं होगी। एग्रीस्टेक में पंजीयन के कारण किसानों को धान विक्रय के लिये समिति में अलग से ऋण पुस्तिका भी नहीं लानी पड़ेगी।
नेताम ने बताया कि डिजिटल क्रॉप सर्वे के माध्यम से धान के रकबे का ऑनलाइन निर्धारण किया जाएगा और वास्तविक किसानों से धान खरीदी सुनिश्चित करने हेतु बायोमेट्रिक आधारित व्यवस्था लागू की जाएगी। 360 नए धान उपार्जन केंद्र शुरू किये जा रहे हैं, जिससे राज्य में उपार्जन केंद्रों की कुल संख्या 3100 हो जाएगी।
इसके अतिरिक्त, मंत्रिपरिषद ने खरीफ विपणन वर्ष 2024-25 और 2025-26 के अतिशेष धान को नीलामी के माध्यम से निपटाने के लिये उपसमिति के निर्णय को मान्यता दी। खरीफ-2026 के लिए कृषक उन्नति योजना में संशोधन के प्रस्ताव को भी मंजूरी मिली, जिसमें धान फसल के लिये सहायता राशि प्रति क्विंटल के बजाय प्रति एकड़ के आधार पर दी जाएगी।
नेताम ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सरकार किसानों के हितों को प्राथमिकता देते हुए कृषि क्षेत्र को मजबूत बनाने तथा समृद्धि के लिये लगातार कार्यरत है। पत्रकार वार्ता में भाजपा प्रदेश महामंत्री डॉ. नवीन मार्कंडेय, किसान मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष आलोक सिंह ठाकुर और प्रदेश प्रवक्ता नलिनीश ठोकने उपस्थित रहे।
