
काठमांडू, 28 अक्टूबर (प्रेस ब्यूरो)। नेपाल में पर्यटक वीजा का दुरुपयोग कर धर्मांतरण के लिये शिविर चलाने के आरोप में कुल 10 विदेशी नागरिकों को गिरफ्तार किया गया है। गिरफ्तार हुए व्यक्तियों में ब्राजील, कनाडा और अमेरिका के नागरिक शामिल हैं और उन्हें मोरंग जिले के कानेपोखरी स्थित बरगाछी में ईसाई धार्मिक गतिविधियों के प्रचार में संलिप्त रहने का संदेह है।
गृह मंत्रालय के अनुसार “मर्सी डेवलपमेंट” नामक संस्था के तहत विदेशी चिकित्सकों सहित कुल दस विदेशी नागरिक पर्यटक वीजा पर आए और उन्होंने एक स्वास्थ्य शिविर संचालित किया। इनकी दस्तावेज़ी सामग्री जब्त कर आव्रजन विभाग को आवश्यक कार्रवाई हेतु भेज दी गई है। मंत्रालय ने बताया कि इन विदेशियों ने बिना आवश्यक अनुमति के शिविर में भाग लिया और इसलिए निगरानी जिला समिति के निर्णय अनुसार उनके पासपोर्ट भी विभाग को भेजे गए हैं।
यह शिविर २५ अक्टूबर से चार दिनों तक चलाने की योजना के साथ शुरू किया गया था और इसमें दस विदेशी नागरिकों के अलावा अन्य लोग भी सेवाएँ प्रदान कर रहे थे। इस आयोजन की तैयारी पास्तर पावेल दंगाल ने की थी। स्थानीय स्तर पर अस्पताल निर्माण के उद्देश्य से इस्तेमाल की जाने वाली जमीन पर पहले पास्तर बांदेल द्वारा ईसाई धार्मिक कक्षाएँ आयोजित की जाती थीं।
मोरंग जिले के कानेपोखरी, बरगाछी के किराना व्यापारी नवराज श्रेष्ठ ने अस्पताल निर्माण के लिये तीन कट्ठा जमीन पर छह छोटे‑बड़े भवन बनवाए थे, जिनका अब धार्मिक कार्यक्रमों और अन्य कार्यों के लिये उपयोग हो रहा था। विवाद को शांत करने के लिये श्रेष्ठ ने एक स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया।
आव्रजन विभाग के मुताबिक इन विदेशी नागरिकों ने २२ और २३ अक्टूबर को नेपाल प्रवेश किया था और उनका वीजा ६ से २१ नवंबर तक वैध था। वीजा का दुरुपयोग कर धर्म प्रचार करने के आरोप के बाद पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।
