
जगदलपुर, 28 अक्टूबर (प्रेस ब्यूरो)। बस्तर जिले में वीबी-जी रामजी योजना के अंतर्गत कुल 1,807 कार्यों को स्वीकृति मिली है, जिनके लिये 5,561.34 लाख रुपये की राशि को मंजूरी दी गई है। पर्याप्त कार्य व धन उपलब्ध होने के बावजूद योजना के कार्यान्वयन एवं प्रगति की स्थिति अपेक्षाकृत कम पाई गई, जिसके कारण जिला पंचायत सीईओ तन्मय खन्ना ने गंभीरता से समीक्षा के पश्चात संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई की।
जिले की प्रगति अपेक्षित स्तर पर नहीं होने के मद्देनज़र मुख्य कार्यपालक अधिकारी तन्मय खन्ना ने योजना के कार्यों की नियमित समीक्षा, मैदानी निरीक्षण एवं कार्यों के अवलोकन की प्रक्रिया को और अधिक प्रभावी बनाया। समीक्षा के दौरान यह पाया गया कि कुछ तकनीकी सहायकों द्वारा अपने दायित्वों का अपेक्षित गंभीरता से निर्वहन नहीं किया जा रहा था तथा कार्यों की प्रगति में लगातार कमी बनी हुई थी।
निरंतर समीक्षा एवं जवाबदेही सुनिश्चित करने के बीच दायित्व निर्वहन में गंभीर कोताही बरतने के कारण दो तकनीकी सहायकों ने त्यागपत्र प्रस्तुत किया गया है। एक तकनीकी सहायक की सेवा समाप्त की गई है तथा एक अन्य तकनीकी सहायक की सेवा वृद्धि रोकी गई है।
जिला पंचायत सीईओ द्वारा संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि योजनांतर्गत पर्याप्त कार्यों की स्वीकृति एवं राशि उपलब्ध होने के बावजूद निर्धारित लक्ष्यों के अनुरूप प्रगति नहीं होना गंभीर विषय है। मैदानी स्तर पर कार्यों को समय पर प्रारंभ कराने, अधिकाधिक श्रमिकों का नियोजन सुनिश्चित करने तथा मानव दिवस सृजन में तेजी लाने के लिए संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों की जवाबदेही तय की जा रही है।
सभी संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों को अपने दायित्वों का गंभीरता से निर्वहन करने, स्वीकृत कार्यों को शीघ्र प्रारंभ एवं पूर्ण कराने, अधिकाधिक श्रमिकों को रोजगार उपलब्ध कराने तथा जिले की प्रगति को राज्यस्तर पर निर्धारित अपेक्षाओं के अनुरूप लाने के निर्देश दिए गए हैं।
जिला पंचायत द्वारा योजना की प्रगति पर निरंतर निगरानी रखी जाएगी। कार्यों में लापरवाही, निर्धारित लक्ष्यों की पूर्ति में उदासीनता अथवा अपेक्षित प्रदर्शन नहीं पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों के विरुद्ध नियमानुसार अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
