
रायपुर, 28 अक्टूबर (प्रेस ब्यूरो)। रायपुर कमिश्नरेट के नॉर्थ जोन ने बुधवार को श्री बालाजी इंस्टीट्यूट ऑफ डेंटल साइंसेस, रायपुर में एंटी‑रैगिंग कार्यशाला का आयोजन किया। इस मंच पर अतिरिक्त पुलिस आयुक्त अमित तुकाराम कांबले और डीसीपी नॉर्थ जोन दीपमाला कश्यप ने विद्यार्थियों के साथ संवाद किया, जहाँ उन्होंने रैगिंग के दुष्परिणाम, कानूनी प्रावधान और रोकथाम के उपायों पर प्रकाश डाला।

कार्यक्रम में डीसीपी दीपमाला कश्यप ने पावर‑पॉइंट प्रस्तुति के माध्यम से रैगिंग के विभिन्न स्वरूपों तथा इससे होने वाले शारीरिक, मानसिक व शैक्षणिक नुकसानों को विस्तार से बताया। उन्होंने छात्रों से आपसी सम्मान, सहयोग और अनुशासन की भावना अपनाने तथा महाविद्यालय परिसर को रैगिंग‑मुक्त बनाने में सक्रिय भूमिका निभाने का आग्रह किया।

अतिरिक्त पुलिस आयुक्त अमित तुकाराम कांबले ने रैगिंग से संबंधित कानूनी प्रावधान और दोषियों के विरुद्ध लागू की जाने वाली दंडात्मक कार्रवाई की जानकारी दी। उन्होंने कहा, “किसी भी रैगिंग घटना की जानकारी तुरंत संबंधित प्राधिकरण या पुलिस को देनी चाहिए, ताकि समय पर कार्रवाई कर शैक्षणिक वातावरण सुरक्षित रखा जा सके।”

कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों को नशा मुक्ति के प्रति जागरूक किया गया तथा नशीले पदार्थों के दुष्प्रभावों पर बल दिया गया। साथ ही पिंक पेट्रोलिंग और महिला सुरक्षा के महत्व को समझाते हुए छात्राओं और महिलाओं से सुरक्षा के प्रति संवेदनशील रहने तथा आवश्यकता पड़ने पर पुलिस की मदद लेने की अपील की गई।
रायपुर कमिश्नरेट के साइबर जागरूकता अभियान के तहत साइबर संकल्प के अंतर्गत ऑनलाइन धोखाधड़ी, फर्जी लिंक, सोशल मीडिया दुरुपयोग और डिजिटल भुगतान से जुड़ी ठगी से बचाव के उपायों पर भी प्रकाश डाला गया। साइबर अपराध के शिकार होने पर राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर संपर्क करने की सूचना दी गई। इस कार्यशाला में संस्थान के वरिष्ठ पदाधिकारी, शिक्षाविद और कई छात्र‑छात्राएँ उपस्थित थे।
