
काठमांडू, 26 अक्टूबर (प्रेस ब्यूरो)। नेपाल प्रीमियर लीग (एनपीएल) को इस वर्ष सुरक्षित व सुचारु रखने के लिए नेपाल पुलिस ने विस्तृत सुरक्षा योजना तैयार की है। मैच‑दौरान सट्टेबाज़ी से लेकर मैच‑फिक्सिंग तक की किसी भी असामान्य गतिविधि पर नजर रखने हेतु विशेष टीमें तैनात की गई हैं।
जिला पुलिस के एसपी दान बहादुर थापा ने बताया कि आयोजकों, अर्थात् नेपाल क्रिकेट संघ (कैन), के साथ नियमित संवाद के बाद प्रभावी सुरक्षा रणनीति बनाई गई है। उन्होंने कहा, “खेल के दौरान कोई भी अवांछित कार्य रोकने के लिए हम पुलिसकर्मियों को साधारण वस्त्रों में भी तैनात करेंगे।” ऑनलाइन सट्टेबाज़ी और मैच‑फिक्सिंग की निगरानी के लिए पुलिस की विशेष टीमें गठित की गई हैं, जबकि संभावित मैच‑फिक्सिंग मामलों की जाँच के लिये पुलिस मुख्यालय एवं केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीआईबी) के कुछ अधिकारी भी शामिल किए गए हैं।
पिछले सीजन में भारतीय नागरिकों को स्टेडियम में बैनर बैठाकर सट्टेबाज़ी चलाते पकड़ा गया था, जिसके बाद कई गिरोहों के पुनः सक्रिय होने की आशंका जताई गई। इस कारण डिजिटल निगरानी के साथ‑साथ साधारण वस्त्रों में पुलिस की निरंतर उपस्थिति सुनिश्चित की जाएगी। विदेशी खिलाड़ियों की बढ़ती संख्या को देखते हुए उनकी सुरक्षा हेतु भी विशेष प्रबंध किए गए हैं। उद्घाटन मैच में 1,125 पुलिसकर्मियों को मैदान के चारों ओर तैनात किया जाएगा, और त्रिभुवन विश्वविद्यालय क्रिकेट मैदान की बाहरी परिधि में सशस्त्र बलों को तैनात करने का निर्णय लिया गया है। खिलाड़ी ठहरने वाले होटलों में भी पुलिस की ड्यूटी तय की गई है।
एसपी थापा ने यह भी बताया कि स्टेडियम में प्रत्येक दिन प्रशिक्षित कुत्तों की मदद से सुरक्षा जांच की जाएगी तथा ड्रोन के उपयोग से उच्चतम स्तर की निगरानी रखी जाएगी। उन्होंने कहा, “एनपीएल में खुफिया सूचनाओं पर आधारित पुलिसिंग की जाएगी, और साधारण वस्त्रों में तैनात पुलिसकर्मियों के माध्यम से सूचना संकलन के साथ‑साथ तकनीकी साधनों का अधिकतम उपयोग किया जाएगा।”
शनिवार को जिला पुलिस कार्यालय, सुरक्षा अधिकारियों और कैन के पदाधिकारियों के बीच इस विषय पर बैठक हुई। रविवार शाम को वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने स्टेडियम क्षेत्र का सर्वेक्षण कर सुरक्षा प्रबंधों की स्थिति का आकलन किया। टिकट उपलब्ध न होने के कारण दर्शकों द्वारा बाहर नारेबाजी की घटनाओं को रोकने हेतु पुलिस ने टिकट वितरण में पारदर्शिता की अपील की। सोशल मीडिया पर भी सतत निगरानी रखी जाएगी, ताकि ऑनलाइन सट्टेबाज़ी और सामाजिक सौहार्द को बाधित करने वाली हर गतिविधि को समय पर रोका जा सके।
