
भोपाल, 26 अक्टूबर (प्रेस ब्यूरो)।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने आज सुबह जामली (सेंधवा) के गायत्री धाम में योगाभ्यास किया। यह कार्यक्रम बड़वानी जिले के शरद पूर्णिमा के पावन दिन पर आयोजित हुआ। डॉ. यादव ने कहा, “हमारे लिए जीवन का हर क्षण ईश्वर की कृपा से तय किया गया है और हमें इस समय का अधिकतम सदुपयोग करना चाहिए।” उन्होंने आगे बताया कि महाकाल, भगवान श्रीकृष्ण और माँ गायत्री की आशीष से मिला जीवन हमें “सकारात्मक सोच” के साथ आगे बढ़ने का साहस देती है।
योगाभ्यास के दौरान, मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने योग, आध्यात्मिक चेतना और स्वस्थ जीवनशैली के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा, “जब हम अपने मन और शरीर को सुदृढ़ करते हैं, तब हम समाज में सद्भावना और सत्कर्मों के पथ पर चल सकते हैं।” उन्होंने सभी उपस्थित लोगों को “सद्भावना एवं सत्कर्मों” के मार्ग पर चलने की प्रेरणा दी।

डॉ. यादव ने यह भी सूचित किया कि शरद पूर्णिमा के साथ आज से दीपावली का वास्तविक शुभारंभ हो गया है। उन्होंने कहा, “परमात्मा ने हमारे मन में जो दीप प्रज्ज्वलित किया है, वह जीवनभर ऊर्जा का स्रोत बना रहे।” डॉ. यादव ने सभी को शुभकामनाएँ दीं, “आपके हाथों से सत्कर्म होते रहें, मन में सद्भावना बनी रहे और दुर्विचार समाप्त हों।”
विभिन्न दर्शनिक उद्धरणों में से डॉ. यादव ने प्रसिद्ध वैदिक वाक्य ‘यत् पिण्डे तत् ब्रह्माण्डे’ का उल्लेख करते हुए कहा, “जो तत्व हमारे शरीर में विद्यमान हैं, उन्हीं का व्यापक स्वरूप ब्रह्मांड में भी प्रकट होता है।” उन्होंने प्रकृति, वनस्पति, पंचतत्व और प्राणतत्व के महत्व पर बल दिया और कहा, “पंचमहाभूतों के माध्यम से सृष्टि और जीवन की संरचना को समझा जा सकता है।”
अंत में, मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने यह संदेश दिया कि परमात्मा की कृपा से हमें अपने जीवन का लक्ष्य निर्धारित करना चाहिए और उसे प्राप्त करने के लिए आगे बढ़ना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा, “जीवन में आध्यात्मिक चेतना, सद्भावना और सत्कर्मों को अपनाकर समाज एवं राष्ट्र के कल्याण में योगदान देना हमारा कर्तव्य है।”
