
नई दिल्ली, 26 अक्टूबर (प्रेस ब्यूरो)। उत्तर रेलवे ने यह घोषणा की कि 1 नवंबर से 30 नवंबर तक एक नया डिजिटल जीवन प्रमाणपत्र (डीएलसी) अभियान‑5 चलाया जाएगा। यह पहल पेंशनभोगियों एवं पारिवारिक पेंशनभोगियों के लिए एक विशेष सुविधा के रूप में शुरू की जा रही है, ताकि वे बिना किसी पेंशन कार्यालय जाए किसी भी स्थान से अपना जीवन प्रमाणपत्र तैयार कर सकें।
अभियान के तहत, उत्तर रेलवे के सभी मंडलों और विभिन्न कारखानों में विशेष शिविर लगाए जाएंगे। इन शिविरों में फेस ऑथेंटिकेशन तकनीक का उपयोग करते हुए, पेंशनभोगी अपने एंड्रॉइड या आईओएस डिवाइस पर डिजिटल जीवन प्रमाणपत्र जमा कर सकते हैं। इस तकनीक के माध्यम से वे बैंक जाने और लंबी कतारों में खड़े होने की परेशानी से मुक्त रहेंगे।
पिछले दो वित्तीय वर्षों में आयोजित डिजिटल जीवन प्रमाणपत्र शिविरों के परिणाम बेहद संतोषजनक रहे हैं। इसी सफलता को देखते हुए, रेलवे प्रशासन ने इस वर्ष भी पेंशनभोगियों को अधिकतम लाभ उठाने के लिए प्रोत्साहित किया है।
उत्तर रेलवे ने सभी पेंशनभोगियों एवं पारिवारिक पेंशनभोगियों से अपील की है कि वे अभियान के दौरान इस सुविधा का सक्रिय उपयोग करें और समय-सीमा के भीतर अपना जीवन प्रमाणपत्र जमा करना सुनिश्चित करें, ताकि वे किसी भी अंतिम क्षण की देरी से बच सकें।
इस पहल के अंतर्गत, पेंशन एवं पेंशनभोगी कल्याण विभाग तथा रेलवे बोर्ड के दिशा-निर्देशों के अनुरूप कार्यवाही की जा रही है। इस अभियान से न केवल पेंशनभोगियों को समय और सुविधा का लाभ मिलेगा, बल्कि रेलवे प्रशासन भी अपनी सेवाओं को डिजिटल युग के अनुरूप आगे बढ़ा रहा है।
