नई दिल्ली। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहे प्रसिद्ध सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की भूख हड़ताल अब एक बड़े आंदोलन का रूप ले चुकी है। गुरुवार को उनकी हड़ताल 19वें दिन में प्रवेश कर गई, जिसके बाद पूरा विपक्ष वांगचुक के समर्थन में लामबंद नजर आ रहा है। आम आदमी पार्टी (AAP) से लेकर कांग्रेस, समाजवादी पार्टी (SP) और नेशनल कॉन्फ्रेंस (NC) तक ने इस आंदोलन के सुर में अपना सुर मिलाया है।
दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने गुरुवार को दिल्ली के जंतर-मंतर पहुंचकर सोनम वांगचुक से मुलाकात की। केजरीवाल ने वांगचुक की तारीफ करते हुए उन्हें एक “महान शिक्षाविद” बताया। उन्होंने कहा कि वांगचुक ने देश और लद्दाख के लिए कई बार बिना थके काम किया है। केजरीवाल ने देश के लिए वांगचुक के ‘अपनी जान जोखिम में डालने’ वाले साहसी कदम की भी जमकर सराहना की।
कांग्रेस ने तोड़ी चुप्पी, केंद्र की ‘जवाबदेही’ पर उठाए सवाल
कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) की तरफ से आयोजित इस विरोध प्रदर्शन पर अब तक सधी हुई खामोशी बनाए रखने वाली कांग्रेस ने भी अपना रुख साफ कर दिया है। कांग्रेस ने वांगचुक की बिगड़ती सेहत पर चिंता जताते हुए उनसे अपनी भूख हड़ताल खत्म करने की अपील की है।
पार्टी ने स्पष्ट किया कि वह परीक्षा प्रणाली के पतन और बीजेपी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार में जवाबदेही की भारी कमी को लेकर वांगचुक के “दर्द और आक्रोश” के साथ मजबूती से खड़ी है। कांग्रेस महासचिव के.सी. वेणुगोपाल ने कहा कि पार्टी वांगचुक की चिंताओं और गुस्से से सहमत है। गुजरात से कांग्रेस नेता जिग्नेश मेवाणी ने भी स्पष्ट किया कि कांग्रेस युवाओं और वांगचुक की मांगों के साथ मजबूती से खड़ी है।
क्या बोले सपा प्रमुख अखिलेश यादव?
समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव ने वांगचुक से अनशन तोड़ने की अपील की है। इसके अलावा, सांसद डिंपल यादव, धर्मेंद्र यादव और विधायक रागिनी सोनकर सहित कई सपा नेताओं ने जंतर-मंतर पहुंचकर उन्हें अपना सीधा समर्थन दिया और सरकार पर संवेदनहीन होने का आरोप लगाया।
शिवसेना (UBT) और तृणमूल कांग्रेस (TMC) का भी समर्थन
शिवसेना (UBT) प्रमुख उद्धव ठाकरे और TMC सांसद महुआ मोइत्रा ने वांगचुक की बिगड़ती सेहत पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए उनसे अपना अनशन समाप्त करने का आग्रह किया है।
लेफ्ट और नेशनल कॉन्फ्रेंस (NC) भी साथ
मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (CPI-M) के वरिष्ठ नेता और केरल के पूर्व मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन ने भी वांगचुक का समर्थन करते हुए केंद्र सरकार पर छात्रों और वांगचुक के जीवन के प्रति उदासीन होने का आरोप लगाया है
नेशनल कॉन्फ्रेंस (NC) के नेता व जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने भी वांगचुक की मांगों का समर्थन किया है और केंद्र सरकार को निशाने पर लिया है।
किसान संगठनों का भी मिला साथ
राजनीतिक दलों के अलावा, भारतीय किसान यूनियन (BKU) के नेता राकेश टिकैत ने भी जंतर-मंतर पहुंचकर वांगचुक से मुलाकात की। उन्होंने स्पष्ट किया कि ‘संयुक्त किसान मोर्चा’ (SKM) इस आंदोलन का समर्थन करता है और सरकार को इस शांतिपूर्ण प्रदर्शन पर तुरंत संज्ञान लेना चाहिए।
अभिनेत्री सोनाक्षी सिन्हा ने भी उठाई आवाज
सियासी गलियारों से इतर, कला और सिनेमा जगत से भी वांगचुक को समर्थन मिलने लगा है। पश्चिम बंगाल से सांसद शत्रुघ्न सिन्हा की बेटी और बॉलीवुड अभिनेत्री सोनाक्षी सिन्हा ने इंस्टाग्राम पर एक वीडियो जारी कर अपना समर्थन जताया है।
वीडियो संदेश में उन्होंने कहा, “मैंने इससे पहले कभी इस तरह का कोई सार्वजनिक बयान नहीं दिया है, लेकिन अब मैं और ज्यादा चुप नहीं रह सकती।” सोनाक्षी ने लोगों को याद दिलाया कि देश के बच्चों के खातिर वांगचुक पिछले 18 दिनों से बिना कुछ खाए भूख हड़ताल पर बैठे हुए हैं।
अनशन के 19 दिन से अधिक बीत जाने के कारण सोनम वांगचुक की स्थिति को लेकर दिल्ली उच्च न्यायालय ने भी हस्तक्षेप किया है। कोर्ट ने केंद्र और दिल्ली के अधिकारियों को उनकी दैनिक मेडिकल निगरानी सुनिश्चित करने और उनके जीवन की रक्षा के लिए तत्काल कदम उठाने के निर्देश दिए हैं। सभी विपक्षी दलों की वर्तमान में यही मांग है कि केंद्र सरकार बिना देरी किए प्रदर्शनकारियों के साथ संवाद शुरू करे।
